बांग्लादेश में ट्रंप भैंसे की कुर्बानी पर रोक :3 लाख रूपए में ईद के लिए बिका था, आखिर क्यों लिया गया ये फैसला?

ढाका। बांग्लादेश में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसी हेयरस्टाइल वाले एक सफेद भैंसे की ईद पर होने वाली कुर्बानी आखिरी वक्त में रोक दी गई है। यह भैंसा अपने अनोखे रंग और सिर पर मौजूद सुनहरे बालों की वजह से सोशल मीडिया पर इतना मशहूर हो गया कि लोग इसे ‘डोनाल्ड ट्रम्प भैंसा’ कहने लगे। यह भैंसा राजधानी ढाका के पास नारायणगंज स्थित रबेया एग्रो फार्म में पला-बढ़ा। इसका वजन करीब 700 किलो है इस भैंसे को 23 मई को कुर्बानी के लिए 3.85 लाख टका (करीब 3 लाख रुपए) में बेचा गया था।
3 लाख रूपए में बिका था
फार्म मालिक जिया उद्दीन मैरदा के मुताबिक, इस भैंसे की कीमत 550 टका प्रति किलो तय की गई थी। जिसमें 3.85 लाख टका करीब 3 लाख रूपए आंकी गई। लेकिन जैसे-जैसे इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, लोग दूर-दूर से इसे देखने फार्म पहुंचने लगे। इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने भी इसकी लोकप्रियता बढ़ा दी।
भारी भीड़ जुटने लगी तो मामला सरकार और प्रशासन तक पहुंच गया। इसके बाद बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने फैसला लिया कि इस भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी।
सरकार ने क्यों उठाया ये कदम?
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को भैंसे को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। साथ ही, जिसने इसे कुर्बानी के लिए खरीदा था, उसे पूरी रकम लौटाने की बात भी कही गई। सरकार का मानना है कि यह कोई सामान्य जानवर नहीं है। यह एक दुर्लभ एल्बिनो नस्ल का भैंसा है और अभी सिर्फ 4 साल का है, इसलिए इसके कई साल तक जिंदा रहने की संभावना है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे दुर्लभ जानवर को बचाकर रखना ज्यादा जरूरी है।
ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।
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क्या खास है ‘ट्रंप भैंसे’ में?
इस भैंसे की सबसे बड़ी खासियत उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक डोनाल्ड ट्रंप की हेयरस्टाइल जैसा दिखाई देता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में इसका नाम ‘ट्रंप’ रख दिया।
इसके अलावा यह एल्बिनो नस्ल का जानवर है। एल्बिनो जानवरों के शरीर में मेलेनिन नाम का रंगद्रव्य बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता। इसी कारण उनकी त्वचा, बाल और आंखों का रंग सफेद, गुलाबी या हल्का दिखाई देता है। बांग्लादेश में ऐसे सफेद भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं।
अब भैंसे का क्या होगा?
कुर्बानी रोकने के बाद इस भैंसे को ढाका नेशनल जू भेज दिया गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और खास कर्मचारियों को देखभाल की जिम्मेदारी दी गई है।
जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान के अनुसार, फिलहाल भैंसे को दो हफ्ते तक क्वारंटीन और निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। यानी जो भैंसा कुर्बानी के लिए खरीदा गया था, अब वह बांग्लादेश के नेशनल जू का खास आकर्षण बनने जा रहा है।











