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बालोद के ग्रामीणों का कमाल :282 श्रमिकों ने बनाई ‘वीबी- जीरामजी’ मानव श्रृंखला, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शेयर की तस्वीर

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के भेजामैदानी गांव में 282 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों ने ‘विकसित भारत- जी राम जी’ के समर्थन में मानव श्रृंखला बनाई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तस्वीर साझा कर श्रमिकों और प्रशासन की सराहना की, जिससे ग्रामीणों में गर्व और सामूहिक चेतना बढ़ी।
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282 श्रमिकों ने बनाई ‘वीबी- जीरामजी’ मानव श्रृंखला, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शेयर की तस्वीर
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ग्रामीण श्रमिकों ने एक अनोखी मानव श्रृंखला बनाई। गुरूर ब्लॉक के भेजामैदानी गांव में श्रमिकों ने एकजुट होकर ‘विकसित भारत- जी राम जी’ (VB जीरामजी) के नाम मानव श्रृंखला बनाई। यह पहल ग्रामीण एकता, सामूहिक संकल्प और विकसित भारत के विजन का प्रतीक बन गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मानव श्रृंखला की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर ग्रामीणों और प्रशासन की सराहना की।

    282 श्रमिकों की भागीदारी

    भेजामैदानी गांव के 282 से अधिक श्रमिकों ने मिलकर मानव श्रृंखला बनाई। यह पहल गांव में गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त और स्वावलंबी समाज की दिशा में सामूहिक प्रयास का प्रतीक है। ग्रामीणों ने इस श्रृंखला के माध्यम से यह संदेश दिया कि वे विकसित भारत के विजन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने की सराहना

    कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, आज छत्तीसगढ़ की भेजामैदानी ग्राम पंचायत से एक सुंदर तस्वीर सामने आई है। 282 श्रमिकों ने मिलकर विकसित भारत-जी राम जी का समर्थन किया। यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त, स्वयंपूर्ण और स्वावलंबी गांव का संकल्प है। इस पोस्ट से ग्रामीणों में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई।

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    कलेक्टर दिव्या मिश्रा के प्रयास

    भेजामैदानी गांव में इस पहल के लिए जिला कलेक्टर दिव्या मिश्रा की सक्रिय भूमिका को विशेष रूप से सराहा जा रहा है। ग्रामीण विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन और श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में कलेक्टर मिश्रा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    ग्रामीणों में बढ़ा आत्मविश्वास

    इस राष्ट्रीय स्तर की पहचान ने स्थानीय समुदाय में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाई है। गांव के लोग अब अधिक सक्रिय रूप से रोजगार, शिक्षा और विकास योजनाओं में भाग ले रहे हैं। यह पहल ग्रामीणों को सामूहिक कार्य और एकता की ताकत का अनुभव कराने में भी मदद कर रही है।

    भेजामैदानी की यह मानव श्रृंखला यह दिखाती है कि छोटे ग्रामीण समुदाय भी बड़े पैमाने पर जागरूकता और बदलाव ला सकते हैं। सरकारी योजनाओं और नागरिक भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास संभव है।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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