अयोध्या के राजघाट में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के समापन के दौरान अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या के राजघाट में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा था। यह कार्यक्रम स्वामी जीयर जी महाराज के मार्गदर्शन में हो रहा था और इसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह कर रहे थे। बताया गया कि 9 दिवसीय महायज्ञ का आज समापन हुआ था। इसी दौरान यज्ञ की पूर्णाहुति के समय अचानक आग भड़क गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 108 कुंडीय महायज्ञ था। आग लगने के बाद तीन अलग-अलग जगहों पर लपटें फैल गईं, जिससे पंडाल और आसपास की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा। इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
ये भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा : डंपर से टक्कर के बाद बस में लगी आग, जिंदा जले 14 यात्री; 20 घायल
घटना में 3-4 लोगों के झुलसने की संभावना बताई जा रही है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हवन के दौरान तेज हवा चल रही थी। इसी दौरान चिंगारी उड़कर पंडाल में गिर गई, जिससे आग भड़क गई और तेजी से फैलने लगी।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि महायज्ञ 9 दिनों से चल रहा था और इसकी पूर्णाहुति करीब डेढ़ घंटे पहले हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि जब आग लगी, उस समय यज्ञशाला खाली हो चुकी थी, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि एक जगह से करीब 700 मीटर दूर दूसरी जगह भी आग लगने की सूचना मिली है, जिसकी वजह स्पष्ट नहीं है।
अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फंडे ने कहा कि घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम और दमकल विभाग की गाड़ियां मौजूद हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे क्षेत्र खाली कर दें ताकि राहत कार्य में बाधा न आए।
वहीं एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि घटना के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। सरयू तट पर पिछले 9 दिनों से धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।