वाराणसी। शंकचारार्य अविमुक्तेश्वारनंद ने शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया है। वे आज वाराणसी में आए हुए थे। उनका कहना है कि आप योगी है तो आपको सीएम का पद त्यागना चाहिए। इस गद्दी पर इतना घमंड क्यों है। इतना ही नहीं आगे वे बोले कि शंकराचार्य को CM की परमिशन नहीं होती है। वे अपने आप में ही महान व्यक्ति होता है।
स्वामी ने आगे कहा कि शंकराचार्य होने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की मान्यता का कोई महत्व नहीं है। उनका तर्क था कि जो व्यक्ति खुद को हिंदू बताता है, लेकिन शंकराचार्य की परंपरा और मान्यता को स्वीकार नहीं करता, वह स्वतः ही नकली हिंदू साबित होता है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि आदि शंकराचार्य ने मठाम्नाय महानुशासन में स्पष्ट किया है कि धर्म मनुष्य का मूल आधार है और वह आचार्य पर ही निर्भर करता है।
इसके साथ ही स्वामी ने केंद्रीय बजट 2026 पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बजट को ‘ऐतिहासिक’ कहे जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें मांस बाहर भेजने वाले को अतिरिक्त ड्यूटी-फ्री छूट दी गई है। स्वामी ने सवाल किया कि क्या जीव-हिंसा को बढ़ावा देने वाली नीतियों को कोई सच्चा हिंदू ‘ऐतिहासिक विकास’ का पैमाना मान सकता है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखे शब्दों में कहा कि सपा ने शंकराचार्य को मारा था और अब आप भी वही कर चुके हैं। उनका कहना था कि अगर तर्क यह है कि सपा ने जिसे मारा, उसे कोई और भी मार सकता है, तो फिर आप और सपा में फर्क ही क्या रह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो अहंकार 2015 में अखिलेश यादव पर हावी हुआ था, वही अब मौजूदा नेतृत्व में भी दिखाई दे रहा है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अखिलेश का अंजाम सबने देखा, अब आगे क्या होगा, यह भी सामने आ जाएगा।
दरअसल, शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। सीएम योगी ने कहा था कि हर कोई शंकराचार्य नहीं कहलाया जा सकता और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।