Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

82 की उम्र में घर के कबाड़ से तैयार किया राम मंदिर का मॉडल

आर्मी में सीखी स्किल इंदौर के वृद्ध को मदद कर रही, 20 साल से निखार रहे अपनी कला
82 की उम्र में घर के कबाड़ से तैयार किया राम मंदिर का मॉडल

प्रभा उपाध्याय। कला उम्र की मोहताज नहीं होती है। ऐसी ही मिसाल 82 साल वर्षीय अशोक धोड़पकर दे रहे हैं। वे घर के पुराने बेकार सामान का उपयोग खूबसूरत मॉडल बना देते हैं। उन्होंने ऐसे ही सामान से राम मंदिर का मॉडल बनाया है। अशोक धोड़पकर ने बताया कि वे आर्मी की वर्कशॉप में काम करते थे इसलिए बिजली और मशीनों के बारे में अच्छी जानकारी है जो इस काम में मदद देती है। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद वक्त गुजारने के लिए घर में पड़े सामान से कुछ मॉडल बनाए जिन्हें लोगों ने सराहा। बाद में यह शौक में बदल गया। वे 20 साल से पुराना सामान इस्तेमाल कर खूबसूरत मॉडल बना रहे हैं। शादी की पत्रिकाएं, अखबार या मैगजीन में छपी रंगीन तस्वीरें पैकिंग के डिब्बे, एक्सरे शीट, खाली शीशियां, ढक्कन से वो कुछ नया बना लेते हैं।

राममंदिर की प्रतिकृति का भी कर चुके हैं निर्माण

वे बना चुके हैं इंदौर में लगी शिवाजी की प्रतिमा की प्रतिकृति, कभी पंढरपुर का मंदिर और नदी तो कभी खेत में काम करते किसान। साथ राम मंदिर की प्रतिकृति का भी निर्माण कर चुके हैं। साथ ही हैरिटेज ट्रेन के मॉडल को वे बैटरी से चलाते भी हैं। कुछ साल से वे दीपावली पर पिछले मॉडल या कृति से एक नया मॉडल बनाते हैं। मॉडल का प्रदर्शन कुछ दिनों तक करते हैं। उसके बाद उसे डिस्मेंटल कर देते हैं और फिर कुछ नया गढ़ते हैं।

सामाजिक संदेश भी देते हैं अपनी कलाकृति से

अशोक धोड़पकर मॉडल में पानी बचाने, बेटी बचाने, पर्यावरण बचाने का संदेश भी देते हैं। कंजर्वेशन से संबंधित स्लोगन भी मराठी या हिंदी में लिखकर कर मॉडल के साथ लगाते हैं। गौरतलब है कि पत्नी और बेटी की मृत्यु के बाद से अकेले रहते हैं, लेकिन अपना हर काम खुद कर लेते हैं।

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

Latest Posts