Assam Disaster:भारी बारिश से असम में तबाही, रेल कनेक्टिविटी टूटी, अमित शाह ने CM हिमंत से लिया जायजा

गुवाहाटी। भारत के असम राज्य में भारी बारिश के कारण बाढ़ ने गंभीर रूप ले लिया है। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांवों और बस्तियों में पानी घुस गया है। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में देखा जा रहा है, जहां रेलवे पुल को भी नुकसान पहुंचा है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और राहत कार्यों को लेकर चर्चा की। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
धेमाजी में बाढ़ से बिगड़े हालात
धेमाजी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। सिमेन नदी के किनारे तेज कटाव के कारण एक रेलवे पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके बाद उस रूट पर रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। नदी का पानी तेजी से बढ़ने से आसपास के इलाकों में खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
रेल कनेक्टिविटी प्रभावित
रेलवे विभाग के अनुसार, पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण दो स्टेशनों के बीच ट्रेन संचालन बंद कर दिया गया है। भारी बारिश और लगातार हो रहे कटाव की वजह से रेलवे ट्रैक पर भी असर पड़ा है। इंजीनियरिंग टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं और मरम्मत कार्य की योजना बनाई जा रही है। तब तक यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सेवाएं रोकी गई हैं।
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22 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ का असर कई जिलों में देखा जा रहा है। धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, नलबाड़ी और कोकराझार जैसे जिलों में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। कई गांव पानी में डूब गए हैं और फसलें भी बड़े पैमाने पर खराब हो गई हैं। ग्रामीण इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविर लगाए गए हैं।
गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच बातचीत
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की पूरी जानकारी साझा की। गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने भी बताया कि राज्य सरकार सभी प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
राहत कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए हर जरूरी संसाधन जुटा रही है। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित मंत्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। राहत शिविरों में भोजन, दवा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
नदियों का बढ़ता जलस्तर बना खतरा
भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। कई जगह जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे कई गांवों में पानी भर गया है और सड़क संपर्क भी टूट गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश जारी रहने से स्थिति और खराब हो सकती है।
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जानवरों और फसलों को भी बड़ा नुकसान
बाढ़ का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। हजारों पशु भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है और राहत सहायता की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।











