इलेक्शन डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। इस दस्तावेज में शासन, पहचान, स्वास्थ्य समेत कुल 11 अहम क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। घोषणा पत्र एक चुनावी रैली के दौरान जारी किया गया, जिसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पार्टी ने इस घोषणापत्र को राज्य के विकास, सामाजिक संतुलन और लोगों की भागीदारी बढ़ाने का रोडमैप बताया है।
घोषणापत्र में शासन, पहचान, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा विकास, औद्योगीकरण, कृषि, ग्रामीण और शहरी विकास, जलवायु परिवर्तन और सुरक्षित असम जैसे 11 प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इससे पहले 29 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के दौरान ‘पांच गारंटी’ भी घोषित की गई थीं। इन गारंटी में बिना शर्त महिलाओं को 50 हजार रुपये तक का कर्ज, सभी वरिष्ठ नागरिकों को 1250 रुपये की पेंशन, 25 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज, भूमि पुत्रों को म्यादी पट्टा और जुबीन गर्ग मामले में 100 दिन के भीतर दोषियों को सजा देने का वादा शामिल है।
126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। राजनीतिक दलों ने चुनाव को लेकर प्रचार तेज कर दिया है और सभी पार्टियां अपने-अपने वादों के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटी हैं। कांग्रेस का दावा है कि उसका घोषणापत्र राज्य के विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, असम फूलों का एक गुलदस्ता है, जिसमें अलग-अलग धर्म, जाति और विचारधारा के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच है कि देश की जनता के हाथ में असली ताकत हो और हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, जबकि भाजपा असम को दिल्ली से चलाने की सोच रखती है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 244 (ए) लेकर आई थी, जिससे असम की जनता को फैसले लेने की ताकत मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा में यही बड़ा अंतर है।