Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप 2025 का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच कड़ा मुकाबला रहा और कई बार ऐसा लगा कि पाकिस्तान जीत सकता है, लेकिन आखिरकार टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाकर 9वीं बार एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की। हालांकि, अवॉर्ड सेरेमनी में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
फाइनल के बाद जब एसीसी अध्यक्ष और पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने पहुंचे तो भारतीय खिलाड़ियों ने साफ मना कर दिया। खिलाड़ियों ने कहा कि वे नकवी से ट्रॉफी नहीं लेंगे। इसके बाद नकवी ट्रॉफी को अपने कमरे में ले गए।
टीम इंडिया ने बिना ट्रॉफी के ही जीत का जश्न मनाया। खिलाड़ियों ने हाथों में काल्पनिक ट्रॉफी उठाकर फोटो खिंचवाई, लेकिन सवाल यही उठने लगा कि क्या अब भारत को ट्रॉफी मिलेगी या नहीं?
ट्रॉफी लेने से इनकार करना आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है, लेकिन इसके लिए कोई साफ नियम नहीं है। कप्तान सूर्यकुमार यादव को आईसीसी या एसीसी को बताना होगा कि उन्होंने ट्रॉफी क्यों नहीं ली। इसके बाद संस्थाएं तय करेंगी कि कोई कार्रवाई करनी है या नहीं। क्रिकेट की भावना का सम्मान करना खिलाड़ियों की जिम्मेदारी होती है।
बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा कि भारत किसी ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी नहीं ले सकता जो उनके देश के खिलाफ दुश्मनी रखता हो। उन्होंने आरोप लगाया कि नकवी को ट्रॉफी अपने कमरे में ले जाने का कोई हक नहीं था।
भारत ने इस खिताब को कड़ी मेहनत और शानदार खेल के दम पर जीता है। ऐसे में ट्रॉफी पर केवल टीम इंडिया का हक है। अगर खिलाड़ी नकवी से ट्रॉफी लेने से मना करते हैं तो इसमें कोई नियम नहीं टूटा। लेकिन जीती हुई ट्रॉफी को अपने साथ ले जाना पूरी तरह गलत है।