नेशनल डेस्क। कर्नाटक के कलबुर्गी जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। गाणगापुर दर्शन के लिए निकला एक दंपति शायद यह नहीं जानता था कि यह यात्रा उनके जीवन की आखिरी यात्रा साबित होगी। जानकारी के अनुसार, बारामती निवासी पति-पत्नी देवदर्शन के उद्देश्य से कलबुर्गी पहुंचे थे। रास्ते में किसी निजी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पति ने अपना आपा खो दिया और गुस्से में अपनी 28 वर्षीय पत्नी को चलती कार से नीचे खींच लिया। यह घटना बल्लुरगी गांव के पास हुई, जहां कुछ ही पलों में सामान्य विवाद हिंसक रूप ले बैठा और एक परिवार उजड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी पति ने पत्नी को सड़क पर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने महिला को बचाने की कोशिश की और कुछ लोगों ने पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड भी किया। कुछ देर के लिए आरोपी शांत होता दिखा, जिससे लोगों को लगा कि मामला संभल गया है। लेकिन जैसे ही आसपास मौजूद लोग हटे, आरोपी ने फिर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने घायल पत्नी पर कार चढ़ाकर उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति को पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जो इस जघन्य अपराध की बड़ी वजह बना। यह घटना समाज में बढ़ते अविश्वास और गुस्से के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह घटना केवल अचानक गुस्से का परिणाम नहीं लगती, बल्कि इसमें पूर्व योजना की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और मोबाइल में रिकॉर्ड वीडियो भी अहम सबूत बन सकता है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक विवादों को हिंसा में बदलने से पहले समझदारी और संवाद क्यों नहीं चुना जाता।