धार। जिले के बाग नगर में शुक्रवार सुबह ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। पांच बदमाश खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर एक ठेकेदार के घर में घुस गए और जांच के नाम पर घर की तलाशी लेने लगे। बदमाशों ने ठेकेदार और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया और करीब 50 तोला सोना, चार लाख रुपए नकद और तीन मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई है।
घटना सुबह करीब दस बजे की है। बाग के ब्राह्मण मोहल्ले में रहने वाले कॉन्ट्रेक्टर राजकुमार मालवी के घर पांच लोग पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खुलवाते ही खुद को आयकर विभाग की टीम बताया और कहा कि उन्हें काले धन और सोने की जांच करनी है। सरकारी कार्रवाई का हवाला देकर उन्होंने घर में प्रवेश किया और तलाशी शुरू कर दी। अचानक आई इस कथित जांच से ठेकेदार और उनकी पत्नी कृष्णा मालवी घबरा गए और विरोध नहीं कर सके।
घर के अंदर घुसते ही बदमाशों ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी। उन्होंने पति-पत्नी को अलग-अलग कमरों में बैठा दिया और अलमारी की चाबी मांगी। डर और घबराहट के माहौल में दंपति कुछ समझ पाते उससे पहले ही आरोपी अलमारी खंगालने लगे। अलमारी से करीब 50 तोला सोने के आभूषण निकाले गए, जिनमें परिवार की बेटी की शादी के लिए रखे गहने भी शामिल थे। इसके अलावा घर में रखे लगभग चार लाख रुपए नकद और तीन मोबाइल फोन भी लुटेरे अपने साथ ले गए।
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लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने ठेकेदार दंपति को घर के एक कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद पांचों आरोपी बिना किसी हड़बड़ी के घर से निकल गए और फरार हो गए। कुछ समय बाद जब दंपति ने शोर मचाया तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे। मामला समझते ही लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
घटना की सूचना मिलते ही बाग पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का ताला तोड़कर ठेकेदार दंपति को बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे घर का निरीक्षण किया और पीड़ितों से विस्तृत जानकारी ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुक्षी के उप पुलिस अधिकारी सुनील गुप्ता, कुक्षी थाना प्रभारी राजेश यादव और बाग थाना प्रभारी कैलाश चौहान भी घटनास्थल पहुंचे और जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। लुटेरों द्वारा ले जाए गए तीन मोबाइल फोनों में से एक मोबाइल बायपास मार्ग के पास कचरे के ढेर में पड़ा मिला। आशंका जताई जा रही है कि फरार होते समय आरोपियों ने इसे फेंक दिया होगा ताकि उनकी पहचान या लोकेशन का पता न चल सके। पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर जांच के लिए साइबर टीम को सौंप दिया है।
धार एसपी मयंक अवस्थी के मुताबिक घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह सुनियोजित लूट प्रतीत होती है। आरोपियों को पकड़ने के लिए साइबर टीम को बाग भेजा गया है और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जिले के सभी थानों को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि बदमाशों की जल्द पहचान हो सके।