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मंदसौर में माता पूजा के दौरान मधुमक्खियों का हमला,15 महिलाएं घायल

मंदसौर में दशा माता की पूजा के दौरान मधुमक्खियों के हमले से 15 महिलाएं घायल हो गईं। दो महिलाओं को ज्यादा डंक लगने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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15 महिलाएं घायल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में शुक्रवार को एक धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। नई आबादी क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में स्थित सांसद सुधीर गुप्ता के निवास के पास दशा माता की पूजा कर रही महिलाओं पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस घटना में करीब 15 महिलाएं घायल हो गईं, जबकि दो महिलाओं को ज्यादा डंक लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और पूजा कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा।

    पीपल के पेड़ के नीचे चल रही थी दशा माता की पूजा

    जानकारी के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एक बगीचे में लगभग 50 महिलाएं एकत्र होकर दशा माता की पूजा कर रही थीं। यह पूजा पीपल के पेड़ के नीचे की जा रही थी। जहां पर कई महिलाएं धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा में शामिल थीं। इसी दौरान अचानक पेड़ पर बना मधुमक्खियों का छत्ता हिल गया और मधुमक्खियां उड़ने लगीं। देखते ही देखते मधुमक्खियों का झुंड नीचे मौजूद महिलाओं पर टूट पड़ा। अचानक हुए इस हमले से महिलाएं घबरा गईं और इधर-उधर भागने लगीं। कुछ ही मिनटों में पूजा स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    करीब 15 महिलाओं को लगे मधुमक्खियों के डंक

    मधुमक्खियों के हमले में लगभग 15 महिलाओं को डंक लगे हैं। इनमें से कई महिलाओं को हल्की चोटें आईं, जबकि दो महिलाओं को ज्यादा डंक लगने के कारण गंभीर परेशानी हुई। आसपास के लोगों की मदद से घायल महिलाओं को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। 
    दो महिलाओं की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना अचानक हुई, जिसके कारण किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

    पूजा कार्यक्रम अधूरा छोड़कर लौटना पड़ा

    मधुमक्खियों के हमले के कारण महिलाओं को पूजा बीच में ही रोकनी पड़ी। जो महिलाएं पूजा में शामिल थीं, वे अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत वहां से निकल गईं। कुछ देर बाद स्थिति सामान्य होने पर आसपास के लोगों ने घायल महिलाओं की मदद की। हालांकि इस घटना के कारण धार्मिक आयोजन पूरी तरह प्रभावित हो गया और महिलाएं पूजा अधूरी छोड़कर घर लौट गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मधुमक्खियों का हमला ज्यादा देर तक चलता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

    पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी समस्या

    रहवासियों के अनुसार इस स्थान पर पहले भी मधुमक्खियों के छत्ते से परेशानी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले भी छत्ता उड़ा था, लेकिन उसे पूरी तरह हटाया नहीं गया था। इसी कारण पेड़ पर अब भी दो से तीन छत्ते मौजूद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन्हें हटाया नहीं गया तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    प्रशासन से कार्रवाई की मांग

    घटना के बाद कॉलोनी के लोगों ने नगर प्रशासन और संबंधित विभागों से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर नियमित रूप से लोग आते-जाते हैं, वहां इस तरह के खतरे बने रहना चिंता का विषय है।

    विशेषज्ञों के अनुसार मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने के लिए प्रशिक्षित टीम की जरूरत होती है, ताकि बिना किसी नुकसान के उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके। फिलहाल घायल महिलाओं का इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

    सावधानी बरतने की जरूरत

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते कभी भी खतरा बन सकते हैं। खासकर जहां धार्मिक कार्यक्रम या भीड़भाड़ वाले आयोजन होते हैं, वहां पहले से सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण करना जरूरी होता है। अगर समय रहते ऐसे छत्तों को हटाया जाए तो इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। फिलहाल इस घटना के बाद पूरे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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