भोपाल। गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की रीजनल समिट पॉलिसी को श्रेष्ठ बताया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के संतुलित विकास का कॉन्सेप्ट है, जिसे आने वाले समय में अन्य राज्यों को भी अपनाना होगा। शाह ने कहा कि डॉ. मोहन यादव ने स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्री कॉन्क्लेव समिट का जो काम किया है वह अनुकरणीय है। इसकी शुरुआत गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात से की थी। इससे अच्छा निवेश आया और सफलता भी मिली। शाह ने कहा कि दिग्विजय सिंह के जमाने में मप्र बीमारू राज्य था। शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश से बीमारू राज्य का टैग हटाया। वे मध्य प्रदेश में लंबे समय तक रहने वाले भाजपा के मुख्यमंत्री बने। अब डॉ. मोहन यादव शिवराजजी से ज्यादा ऊर्जा के साथ इसे आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। मध्य प्रदेश निश्चित रूप से अब एक विकसित राज्य बनेगा।

शाह ने दो लाख करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण भी किया। इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 1.93 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। शाह ने कहा-आज अटल जी की जयंती है। समग्र देश अटल जयंती मना रहा है। मेरा सौभाग्य है कि आज मैं उस भूमि पर हूं जिसने एक बाल अटल को अटल बिहारी बनाने का काम किया। उस भूमि पर मैं आज उपस्थित हूं। अटल जी ने न सिर्फ देश की सांस्कृतिक विरासत को बचाया, बल्कि पूरा जीवन देश के स्व को जगाने का काम किया। कारगिल के विषय में अटलजी ने दुनिया को स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान से तब तक बातचीत नहीं हो सकती जब तक एक-एक घुसपैठिए को बाहर न खदेड़ दिया जाए। कारगिल विजय अटलजी के दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। वे महान वक्ता, संवेदनशील कवि और लोकसंग्रह व लोककल्याण को समर्पित नेता थे। राजनीति में रहते हुए भी वे अजातशत्रु रहे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई नए क्षेत्रों में ऐसी मजबूत नींव रखी जा रही है, जिससे भारत आने वाले समय में ग्लोबल लीडर बनेगा। हमारा फॉरेक्स रिजर्व 700 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है। हमने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भी धमाकेदार एंट्री की है। इस क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर भी बनेंगे और इसका निर्यात भी करेंगे।
शाह ने कहा कि आज जो 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है, वह देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन किसी एक क्षेत्र के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। किसी क्षेत्र की जनता के लिए यह निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि राज्य का संतुलित विकास नहीं होता, तो राज्य आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं छिपी होती हैं। जैसे मालवा, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में कपास लंबे समय से किसानों की प्रमुख फसल रही है, लेकिन उन्हें उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब पीएम मित्र पार्क के आने से पारंपरिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है और कपास फिर से किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बन गई है।
शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता उसकी भौगोलिक लोकेशन है। यहां से पूरे देश के आधे हिस्से तक बहुत कम ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में आपूर्ति संभव है। लेकिन इस भौगोलिक लाभ का शत-प्रतिशत उपयोग तभी संभव है, जब राज्य में सिमेट्रिक इंडस्ट्री विकसित की जाए। दक्षिण से जुड़े जिलों में उद्योग स्थापित हों, दिल्ली से जुड़े जिलों, जैसे ग्वालियर में उद्योग लगेंऔर पश्चिमी क्षेत्रों जैसे धार और झाबुआ में भी औद्योगिक विकास हो। तभी मध्यप्रदेश को अपने भौगोलिक लाभ का वास्तविक फायदा मिलेगा।