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फ्लोरिडा में जोरदार विस्फोट :टेस्टिंग के दौरान फटा 'ब्लू ओरिजिन' का रॉकेट, आसमान में दिखा आग का गोला

जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट फ्लोरिडा में टेस्टिंग के दौरान लॉन्च पैड पर फट गया। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन NASA के मून मिशन और अमेजन की सैटेलाइट योजना पर बड़ा असर पड़ सकता है। कंपनी ने जांच शुरू कर दी है और जल्द दोबारा उड़ान भरने का भरोसा दिया है।
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टेस्टिंग के दौरान फटा 'ब्लू ओरिजिन' का रॉकेट, आसमान में दिखा आग का गोला
न्यू ग्लेन (New Glenn) रॉकेट फ्लोरिडा के केप कैनावेरल लॉन्च पैड पर टेस्टिंग के दौरान ब्लास्ट हो गया।

फ्लोरिडा। दुनिया की अंतरिक्ष दौड़ में एक बड़ा झटका उस वक्त लगा जब अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन का सबसे ताकतवर रॉकेट ‘न्यू ग्लेन’ टेस्टिंग के दौरान भीषण धमाके का शिकार हो गया। यह हादसा अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन में हुआ, जहां रॉकेट की ‘हॉटफायर टेस्टिंग’ चल रही थी।

रात करीब 9 बजे हुए इस धमाके के बाद लॉन्च पैड के आसपास आग की ऊंची लपटें और धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि, पहले रॉकेट के नीचे से धुआं निकलना शुरू हुआ और कुछ ही सेकंड में पूरा लॉन्च पैड आग के गोले में बदल गया।

हादसे में कोई जनहानि नहीं

राहत की बात यह रही कि हादसे के समय कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ। ब्लू ओरिजिन और स्पेस फोर्स स्टेशन दोनों ने पुष्टि की कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और तुरंत इमरजेंसी रिस्पॉन्स शुरू कर दिया गया था। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि, हॉटफायर टेस्ट के दौरान तकनीकी गड़बड़ी हुई है। ब्लू ओरिजिन ने इसे एनोमली बताया, जिसका इस्तेमाल स्पेस कंपनियां आमतौर पर किसी गंभीर तकनीकी फेलियर या धमाके के लिए करती हैं।

4 जून को किया जाना था लॉन्च

न्यू ग्लेन रॉकेट अपनी चौथी मिशन उड़ान की तैयारी कर रहा था। इसे 4 जून को लॉन्च किया जाना था। इस मिशन के जरिए अमेजन की ‘लियो इंटरनेट सर्विस’ के लिए 48 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे जाने थे। यह प्रोजेक्ट सीधे तौर पर एलन मस्क की स्टारलिंक सर्विस को चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि, टेस्टिंग के दौरान ये सैटेलाइट्स रॉकेट के अंदर मौजूद नहीं थे, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

ब्लू ओरिजिन को सबसे बड़ा नुकसान कहां हुआ?

इस धमाके का सबसे बड़ा असर ब्लू ओरिजिन के इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ा है। हादसा स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स-36 में हुआ, जो न्यू ग्लेन रॉकेट के लिए तैयार किया गया कंपनी का इकलौता लॉन्च पैड है। अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि, लॉन्च पैड और ग्राउंड सपोर्ट सिस्टम को कितना नुकसान पहुंचा है। अगर लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा क्षतिग्रस्त हुआ है तो इसे दोबारा तैयार करने में महीनों का समय लग सकता है।

NASA के चंद्र मिशन पर संकट

यह हादसा सिर्फ ब्लू ओरिजिन के लिए नहीं, बल्कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है। न्यू ग्लेन रॉकेट NASA के महत्वाकांक्षी Artemis III मिशन का अहम हिस्सा है। अगले साल इसी रॉकेट की मदद से ‘ब्लू मून लैंडर’ को अंतरिक्ष में भेजने की योजना थी। इसी मिशन के जरिए इंसानों को दोबारा चांद पर उतारने की तैयारी चल रही है। अब इस हादसे के बाद Artemis मिशन में देरी की आशंका बढ़ गई है। NASA के अधिकारियों ने कहा है कि, घटना की पूरी जांच की जाएगी और इसके बाद ही मिशनों पर पड़ने वाले असर का आकलन होगा।

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एलन मस्क ने भी जताया दुख

ब्लू ओरिजिन और स्पेसएक्स के बीच लंबे समय से प्रतिस्पर्धा चल रही है। इसके बावजूद स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने इस हादसे पर दुख जताया। मस्क ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण। रॉकेट बनाना बेहद मुश्किल काम है।

जेफ बेजोस बोले- फिर उड़ान भरेंगे

हादसे के बाद जेफ बेजोस ने भी सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि अभी दुर्घटना के असली कारण का पता लगाना जल्दबाजी होगी, लेकिन कंपनी की टीम जांच में जुट गई है। बेजोस ने लिखा, आज का दिन बहुत खराब रहा, लेकिन जो भी टूट गया है, हम उसे दोबारा बनाएंगे और फिर से उड़ान भरेंगे। यह सफर इसके लायक है।

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न्यू ग्लेन में पहले भी आ चुकी है तकनीकी दिक्कत 

यह पहली बार नहीं है जब न्यू ग्लेन रॉकेट तकनीकी समस्याओं के कारण चर्चा में आया हो। पिछले महीने भी इसका एक मिशन असफल रहा था। उस दौरान रॉकेट एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट को सही ऑर्बिट में पहुंचाने में नाकाम रहा था। हालांकि कंपनी बूस्टर को सुरक्षित वापस लाने में सफल रही थी, लेकिन सैटेलाइट तय कक्षा तक नहीं पहुंच पाया था।

उस घटना के बाद अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने ब्लू ओरिजिन को “मिशैप जांच” का आदेश दिया था। बाद में कंपनी ने बताया था कि, तापमान से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण एक इंजन पूरी ताकत से काम नहीं कर पाया था।

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अंतरिक्ष की दौड़ में बढ़ेगी चुनौती

ब्लू ओरिजिन पिछले कई सालों से स्पेस इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। न्यू ग्लेन रॉकेट को कंपनी का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जाता है। करीब 98 मीटर ऊंचा यह रॉकेट दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले फर्स्ट स्टेज के साथ तैयार किया गया है। इसका मकसद स्पेसएक्स के फाल्कन और स्टारशिप प्रोग्राम को चुनौती देना है। लेकिन ताजा धमाके ने यह साफ कर दिया है कि, अंतरिक्ष की दौड़ अभी भी बेहद कठिन और जोखिम भरी बनी हुई है।

क्यों खास है न्यू ग्लेन?

न्यू ग्लेन रॉकेट का नाम अमेरिका के मशहूर अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन के नाम पर रखा गया है। जॉन ग्लेन पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री थे। ब्लू ओरिजिन ने इस रॉकेट को विकसित करने में लगभग एक दशक और अरबों डॉलर खर्च किए हैं। कंपनी को उम्मीद थी कि, न्यू ग्लेन उसे अंतरिक्ष बाजार में स्पेसएक्स के बराबर खड़ा करेगा, लेकिन ताजा हादसे ने फिलहाल उसकी योजनाओं को बड़ा झटका दे दिया है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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