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अमरवाड़ा उपचुनाव : 10 जुलाई को वोटिंग, आखिरी समय में बीजेपी कांग्रेस ने झोंकी ताकत

भाजपा : लोकल नेताओं से सेंधमारी की कोशिश

भोपाल। भाजपा ने अब उपचुनाव के जरिए अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सेंधमारी की पूरी जमावट कर ली है। प्रदेश की सभी 29 लोस सीटें जीतने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का कान्फिडेंस लेवल हाई बना हुआ है। पार्टी ने यहां 35 स्टार प्रचारकों की सूची तो जारी की थी लेकिन उनमें से ज्यादातर प्रचार से दूर रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने 2-3 मर्तबा क्षेत्र में रोड शो, जनसभाएं कर कार्यकर्ता-मतदाताओं से रूबरू हो चुके हैं। भाजपा ने यहां लोकल नेताओं और प्रभारियों को कमान सौंपी है।

सीएम दे चुके टिप्स

पार्टी संगठन द्वारा नियुक्त संभागीय व जिला प्रभारी के अलावा, सांसद बंटी साहू, राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार और मंत्री संपतिया उईके सहित संगठन के अनेक नेता यहां डटे हुए हैं। सीएम डॉ यादव ने यहां कैम्प कर मैदानी कार्यकर्ताओं को जीत का परचम फहराने के टिप्स दिए।

प्रतिष्ठा का चुनाव

सीएम डॉ. यादव ने परोक्ष रूप से क्षेत्र में यह संदेश भी प्रसारित कर दिया गया है कि नतीजों के बाद शाह की मंत्रिमंडल में जगह पक्की है। विस चुनाव में छिंदवाड़ा क्षेत्र की सारी सीटें कांग्रेस ने जीती थीं इसलिए भी यहां खाता खोलने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है।

नाथ ने संभाला मोर्चा, कई विधायक भी जुटे

भोपाल। छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विधानसभा उप चुनाव जीतने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कमान संभाल ली है। वे यहां लगातार जन सभाएं और रोड शो कर रहे हैं। पूर्व सांसद नकुलनाथ ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मतदान के बचे तीन दिन विधानसभा अंतर्गत आने वाले अधिकांश गांवों में जाकर वोट मांगेंगे। वहीं सिवनी, बालाघाट, बैतूल और जबलपुर के वर्तमान तथा पूर्व विधायकों ने मोर्चा संभाला है। मतदान 10 जुलाई को है। 13 को मतगणना होगी।

कई नेता डाले हैं डेरा

अमरवाड़ा को जीतना कमलनाथ के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने 3 जुलाई से क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। नाथ जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार पर बढ़ रहे कर्ज के बोझ के साथ यह भी बता रहे कि 2025 में प्रदेश के एक-एक व्यक्ति पर 55 हजार रुपए का कर्ज हो जाएगा।

दिलचस्प उपचुनाव

कांग्रेस के सामने अमरवाड़ा को फिर से जीतने की बड़ी चुनौती है। वर्तमान विधायक कमलेश शाह के भाजपा में शामिल होने और उप चुनाव में उसी को प्रत्याशी बनाए जाने से कांग्रेस को अपना वर्चस्व बनाए रखने में पसीना आ रहा है। हालांकि संगठन ने क्षेत्र के धीरन शाह को उतारकर उप चुनाव दिलचस्प बनाया है।

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