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अजमेर में पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना पर संकट:6 महीने से दूध बंद, बच्चे पाउडर पर निर्भर

अजमेर में पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना के तहत स्कूलों में 6 महीने से दूध नहीं मिल रहा है। पैसा बकाया होने से सप्लाई बंद है। अब बच्चों को पाउडर दूध दिया जा रहा है। इससे बच्चों के खाने-पीने और सेहत पर असर पड़ रहा है और लोग चिंता जता रहे हैं।
6 महीने से दूध बंद, बच्चे पाउडर पर निर्भर
Ajmer School

अजमेर। पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना को लेकर बड़ा संकट सामने आया है। सरकारी स्कूलों में पिछले लगभग छह महीनों से बच्चों को नियमित दूध नहीं मिल पा रहा है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। योजना के तहत मिलने वाला दूध या तो बंद है या फिर उसकी जगह पाउडर दूध का उपयोग किया जा रहा है, जिससे बच्चों की पोषण व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।

छह महीने से बाधित दूध सप्लाई

अजमेर जिले के कई सरकारी स्कूलों में स्थिति यह है कि योजना के तहत आने वाला तरल दूध लंबे समय से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पहले कुछ महीनों तक सप्लाई नियमित थी, लेकिन बाद में यह पूरी तरह बाधित हो गई। अब बच्चों को मजबूरी में पाउडर दूध दिया जा रहा है। इससे बच्चों के पोषण और दैनिक आहार पर असर साफ देखा जा रहा है।

भुगतान विवाद बना सबसे बड़ी वजह

इस समस्या की मुख्य वजह सरकार और डेयरी के बीच भुगतान विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अजमेर डेयरी का करीब 75 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से बकाया है। वहीं कुल मिलाकर शिक्षा विभाग पर लगभग 470 करोड़ रुपये तक का बकाया बताया जा रहा है। भुगतान न होने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई और दूध वितरण व्यवस्था ठप हो गई।

अजमेर डेयरी का पक्ष

अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि संस्था बच्चों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पाउडर दूध की सप्लाई कर रही है। उनके अनुसार पाउडर दूध लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और इसे स्टोर करना आसान होता है। उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जैसे ही सरकार से आदेश मिलेंगे, सप्लाई फिर से शुरू कर दी जाएगी।

पाउडर दूध पर निर्भर हुए बच्चे

स्कूलों में अब बच्चों को पाउडर दूध दिया जा रहा है। पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को 15 ग्राम और छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को 20 ग्राम पाउडर दूध दिया जा रहा है। हालांकि, कई शिक्षक और अभिभावक मानते हैं कि यह तरल दूध का पूरा विकल्प नहीं हो सकता और इससे बच्चों के पोषण स्तर पर असर पड़ सकता है।

शिक्षा विभाग का बयान

अजमेर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोविंद शर्मा ने बताया कि सप्लाई को लेकर राज्य सरकार स्तर पर प्रक्रिया जारी है। जैसे ही आदेश मिलेंगे, दूध की आपूर्ति दोबारा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भुगतान संबंधी जानकारी उनके स्तर पर स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रक्रिया जारी है।

सरकार की ओर से सफाई

राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना के तहत पाउडर दूध इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि तरल दूध जल्दी खराब हो जाता है। वहीं पाउडर दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बकाया भुगतान का मुद्दा है, लेकिन इसके बावजूद बच्चों के लिए सप्लाई बंद नहीं की गई है।

बच्चों की सेहत पर असर की चिंता

इस पूरी स्थिति ने सबसे बड़ा सवाल बच्चों के पोषण को लेकर खड़ा कर दिया है। योजना का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को बेहतर पोषण देना था, लेकिन सप्लाई बाधित होने और पाउडर दूध पर निर्भरता बढ़ने से इसका असर दिखाई देने लगा है। कई अभिभावक मानते हैं कि नियमित तरल दूध की जगह पाउडर दूध पूरी तरह समान लाभ नहीं दे सकता।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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