NCP परिवार फिर एकजुट :महाराष्ट्र निगम चुनाव में अजित-शरद पवार का गठबंधन, क्या है दोनों के साथ आने के पीछे की वजह?

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव के लिए NCP और NCP (शरदचंद्र पवार) गुट के गठबंधन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि, ‘घड़ी’ और ‘तुतारी’ एक साथ आ गई हैं। यह फैसला महाराष्ट्र के विकास, पवार परिवार की एकता और भाजपा को सियासी संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है।
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महाराष्ट्र निगम चुनाव में अजित-शरद पवार का गठबंधन, क्या है दोनों के साथ आने के पीछे की वजह?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार एक बार फिर सियासी तौर पर करीब आ गए हैं। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव 2026 के लिए दोनों NCP गुटों ने गठबंधन का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने न सिर्फ स्थानीय राजनीति, बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे दी है।

    पिंपरी-चिंचवड़ में गठबंधन का ऐलान

    पिंपरी-चिंचवड़ में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा कि, नगर निगम चुनाव के लिए ‘घड़ी’ और ‘तुतारी’ एक साथ आ गई हैं। परिवार फिर से एकजुट हो गया है। उन्होंने बताया कि, उम्मीदवारों की सूची तय करते वक्त दोनों गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी हो चुकी है और जल्द ही औपचारिक जानकारी साझा की जाएगी।

    क्यों साथ आए अजित और शरद पवार?

    गढ़ बचाने की मजबूरी

    पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे क्षेत्र पवार परिवार का पारंपरिक गढ़ रहा है। 2017 से नगर निगम पर अविभाजित NCP का कब्जा रहा। वोट बैंक बंटने से भाजपा को फायदा मिलता रहा है, जिसे रोकने के लिए एकजुट होना जरूरी समझा गया।

    भाजपा को सियासी संदेश

    हालिया विधानसभा और निकाय चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। यह गठबंधन भाजपा को संकेत देता है कि पवार परिवार अभी भी मजबूत है और पूरी तरह भाजपा पर निर्भर नहीं।

    अस्तित्व और प्रासंगिकता की लड़ाई

    शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत बचाने की कोशिश में हैं, जबकि अजित पवार अपनी जमीनी पकड़ और सियासी अहमियत बनाए रखना चाहते हैं।

    महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 की टाइमलाइन

    चरण

    तारीख

    नामांकन

    23-30 दिसंबर 2025

    नामांकन जांच

    31 दिसंबर 2025

    नामांकन वापसी

    2 जनवरी 2026

    मतदान

    15 जनवरी 2026

    मतगणना

    16 जनवरी 2026

    राज्य के 29 नगर निगमों (मुंबई, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ सहित) में चुनाव होंगे।

    कार्यकर्ताओं को अजित पवार की सख्त हिदायत

    अजित पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि, वे प्रचार में पूरी मेहनत करें और किसी भी तरह के विवादित बयान से बचें। उन्होंने कहा कि, उनकी पार्टी विकास की राजनीति करती है और नगर निगम को कर्ज में डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

    Featured News

    पुणे नगर निगम चुनाव में भी साथ

    NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अंकुश काकड़े ने पुष्टि की कि पुणे नगर निगम चुनाव में भी दोनों गुट साथ उतरेंगे। हालांकि कांग्रेस और शिवसेना (UBT) से बातचीत के बाद अंतिम फैसला होगा।

    महायुति का सीट फॉर्मूला

    मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम के अनुसार महायुति में 207 सीटों पर सहमति बनी है।

    पार्टी

    सीटें

    भाजपा

    128

    शिवसेना (शिंदे)

    79

    शेष

    20 (उम्मीदवार आधारित)

    NCP विभाजन से गठबंधन तक: अहम घटनाएं

    तारीख

    घटना

    30 जून 2023

    अजित पवार का NCP से अलगाव

    2 जुलाई 2023

    भाजपा-शिंदे सरकार में डिप्टी CM बने

    6 फरवरी 2024

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    15 फरवरी 2024

    विधानसभा स्पीकर ने अजित गुट को असली NCP माना

    2024 विधानसभा चुनाव

    अजित गुट 41, शरद गुट 10 सीटें

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 परिणाम

    गठबंधन/पार्टी

    सीटें

    महायुति

    230

    भाजपा

    132

    शिवसेना (शिंदे)

    57

    NCP (अजित)

    41

    महाविकास अघाड़ी

    46

    कांग्रेस

    16

    NCP (शरद)

    10

     हालिया निकाय चुनाव में भाजपा को बढ़त

    288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव में महायुति को 207 सीटें मिलीं।

    पार्टी

    सीटें

    भाजपा

    117

    शिवसेना (शिंदे)

    53

    NCP (अजित)

    37

    कांग्रेस

    28

    NCP (शरद)

    7

    शिवसेना (UBT)

    9

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

    नवनीत राणा (भाजपा): अजित पवार हमेशा शरद पवार के निर्देशों पर चलते हैं।

    जीशान सिद्दीकी (NCP-अजित): परिवार का एक होना पार्टी को मजबूत करेगा।

    शिवसेना (शिंदे)/शाइना एनसी: उपनाम की राजनीति नहीं चलेगी, जनता काम देखती है।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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