NCP परिवार फिर एकजुट :महाराष्ट्र निगम चुनाव में अजित-शरद पवार का गठबंधन, क्या है दोनों के साथ आने के पीछे की वजह?

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार एक बार फिर सियासी तौर पर करीब आ गए हैं। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव 2026 के लिए दोनों NCP गुटों ने गठबंधन का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने न सिर्फ स्थानीय राजनीति, बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे दी है।
पिंपरी-चिंचवड़ में गठबंधन का ऐलान
पिंपरी-चिंचवड़ में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा कि, नगर निगम चुनाव के लिए ‘घड़ी’ और ‘तुतारी’ एक साथ आ गई हैं। परिवार फिर से एकजुट हो गया है। उन्होंने बताया कि, उम्मीदवारों की सूची तय करते वक्त दोनों गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी हो चुकी है और जल्द ही औपचारिक जानकारी साझा की जाएगी।
क्यों साथ आए अजित और शरद पवार?
गढ़ बचाने की मजबूरी
पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे क्षेत्र पवार परिवार का पारंपरिक गढ़ रहा है। 2017 से नगर निगम पर अविभाजित NCP का कब्जा रहा। वोट बैंक बंटने से भाजपा को फायदा मिलता रहा है, जिसे रोकने के लिए एकजुट होना जरूरी समझा गया।
भाजपा को सियासी संदेश
हालिया विधानसभा और निकाय चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। यह गठबंधन भाजपा को संकेत देता है कि पवार परिवार अभी भी मजबूत है और पूरी तरह भाजपा पर निर्भर नहीं।
अस्तित्व और प्रासंगिकता की लड़ाई
शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत बचाने की कोशिश में हैं, जबकि अजित पवार अपनी जमीनी पकड़ और सियासी अहमियत बनाए रखना चाहते हैं।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 की टाइमलाइन
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चरण |
तारीख |
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नामांकन |
23-30 दिसंबर 2025 |
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नामांकन जांच |
31 दिसंबर 2025 |
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नामांकन वापसी |
2 जनवरी 2026 |
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मतदान |
15 जनवरी 2026 |
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मतगणना |
16 जनवरी 2026 |
राज्य के 29 नगर निगमों (मुंबई, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ सहित) में चुनाव होंगे।
कार्यकर्ताओं को अजित पवार की सख्त हिदायत
अजित पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि, वे प्रचार में पूरी मेहनत करें और किसी भी तरह के विवादित बयान से बचें। उन्होंने कहा कि, उनकी पार्टी विकास की राजनीति करती है और नगर निगम को कर्ज में डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पुणे नगर निगम चुनाव में भी साथ
NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अंकुश काकड़े ने पुष्टि की कि पुणे नगर निगम चुनाव में भी दोनों गुट साथ उतरेंगे। हालांकि कांग्रेस और शिवसेना (UBT) से बातचीत के बाद अंतिम फैसला होगा।
महायुति का सीट फॉर्मूला
मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम के अनुसार महायुति में 207 सीटों पर सहमति बनी है।
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पार्टी |
सीटें |
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भाजपा |
128 |
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शिवसेना (शिंदे) |
79 |
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शेष |
20 (उम्मीदवार आधारित) |
NCP विभाजन से गठबंधन तक: अहम घटनाएं
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तारीख |
घटना |
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30 जून 2023 |
अजित पवार का NCP से अलगाव |
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2 जुलाई 2023 |
भाजपा-शिंदे सरकार में डिप्टी CM बने |
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6 फरवरी 2024 |
चुनाव आयोग ने ‘घड़ी’ चिन्ह अजित गुट को दिया |
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15 फरवरी 2024 |
विधानसभा स्पीकर ने अजित गुट को असली NCP माना |
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2024 विधानसभा चुनाव |
अजित गुट 41, शरद गुट 10 सीटें |
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 परिणाम
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गठबंधन/पार्टी |
सीटें |
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महायुति |
230 |
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भाजपा |
132 |
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शिवसेना (शिंदे) |
57 |
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NCP (अजित) |
41 |
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महाविकास अघाड़ी |
46 |
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कांग्रेस |
16 |
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NCP (शरद) |
10 |
हालिया निकाय चुनाव में भाजपा को बढ़त
288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव में महायुति को 207 सीटें मिलीं।
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पार्टी |
सीटें |
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भाजपा |
117 |
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शिवसेना (शिंदे) |
53 |
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NCP (अजित) |
37 |
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कांग्रेस |
28 |
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NCP (शरद) |
7 |
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शिवसेना (UBT) |
9 |
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
नवनीत राणा (भाजपा): अजित पवार हमेशा शरद पवार के निर्देशों पर चलते हैं।
जीशान सिद्दीकी (NCP-अजित): परिवार का एक होना पार्टी को मजबूत करेगा।
शिवसेना (शिंदे)/शाइना एनसी: उपनाम की राजनीति नहीं चलेगी, जनता काम देखती है।
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