नई दिल्ली। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ सेकेंड बाद ही क्रैश हो गई। शनिवार को एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 15 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की, जिसमें हादसे की मुख्य वजह “दोनों इंजनों का बंद हो जाना” बताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के एक सेकंड बाद विमान के दोनों फ्यूल कटऑफ स्विच बंद हो गए, जिससे इंजन में फ्यूल सप्लाई बंद हो गई और दोनों इंजन बंद हो गए। पायलट ने रिकवरी की कोशिश की, लेकिन विमान ऊंचाई पर नहीं था और सिर्फ 30 सेकंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्ट के बाद हादसे को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
1:37:37 PM – विमान ने टेकऑफ रोल शुरू किया
1:38:33 PM – विमान ने V1 स्पीड क्रॉस की (153 नॉट्स)
1:38:39 PM – विमान एयरबोर्न हुआ
1:38:42 PM – दोनों इंजन लगभग एक साथ बंद
1:38:52 PM – पायलट ने इंजन-1 को स्टार्ट किया, आंशिक सफलता
1:38:56 PM – पायलट ने इंजन-2 स्टार्ट किया, लेकिन चालू नहीं हुआ
1:39:05 PM – पायलट ने ‘मेडे’ कॉल दी
1:39:11 PM – फ्लाइट रिकॉर्डर ने रिकॉर्डिंग बंद कर दी
रिपोर्ट: एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB)
हादसे की तारीख: 12 जून 2025 | रिपोर्ट जारी: 12 जुलाई 2025
लोकेशन: अहमदाबाद | विमान: बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर | फ्लाइट नंबर: AI-171
मृतक: 270 यात्री और क्रू मेंबर | जीवित बचे: सिर्फ एक यात्री
बोइंग 787 जैसे विमानों में फ्यूल स्विच रन और कटऑफ मोड में होता है। ‘रन’ स्थिति में फ्यूल इंजन में पहुंचता है, जबकि ‘कटऑफ’ स्थिति में फ्यूल सप्लाई बंद हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्विच मैन्युअली ही बदला जा सकता है- यानी खुद-ब-खुद नहीं बदल सकता। उसे हटाने के लिए तीन स्टेप जरूरी होते हैं- पकड़ना, लॉक हटाना और मूव करना। गलती से भी इसका बंद होना लगभग असंभव है।
रिपोर्ट में दर्ज कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग के अनुसार, टेकऑफ के तुरंत बाद एक पायलट ने दूसरे से पूछा-
“तुमने फ्यूल स्विच क्यों बंद किया?”
जवाब आया – “मैंने नहीं किया।”
यह संवाद कई सवाल खड़े करता है – क्या यह मानव भूल थी या जानबूझकर की गई हरकत?
तकनीकी गड़बड़ी – क्या विमान या इंजन सिस्टम में कोई तकनीकी दोष था?
मानव हस्तक्षेप – क्या किसी पायलट ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किया?
डिजाइन फेल्योर या तीसरे उपकरण की खराबी – क्या किसी अन्य सिस्टम ने फ्यूल स्विच पर असर डाला?
रिपोर्ट के अनुसार, उस वक्त आसमान साफ, विजिबिलिटी अच्छी और मौसम सामान्य था। कोई बर्ड-हिट या मौसम संबंधी बाधा सामने नहीं आई।
रिपोर्ट में बताया गया कि विमान सबसे पहले आर्मी मेडिकल कॉर्प्स के परिसर में पेड़ों और फिर एक ऊंची चिमनी से टकराया। फिर बिल्डिंग ‘ए’, ‘सी’ और अन्य ढांचों से टकराते हुए टुकड़े-टुकड़े हो गया। विमान का लैंडिंग गियर 345 फीट और पंख का हिस्सा 670 फीट दूर मिला।
कैप्टन मोहन रंगनाथन (एविएशन एक्सपर्ट): यह हादसा जानबूझकर किया गया हो सकता है।
सनत कौल (पूर्व सदस्य, नागरिक विमानन सुरक्षा परिषद): अगर दोनों स्विच बंद हो गए तो यह किसी आंतरिक गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
मेलिसा चेन (अमेरिका की विशेषज्ञ): ये स्विच ‘गार्डेड’ होते हैं, गलती से मूव नहीं हो सकते।
APAI (पायलट्स एसोसिएशन): पायलट की गलती के निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाए। जांच में पारदर्शिता होनी चाहिए।
रिपोर्ट में बताया गया कि FAA ने 2018 में कुछ Boeing 737 विमानों के फ्यूल स्विच डिजाइन को लेकर चेतावनी दी थी। ऐसी ही प्रणाली Boeing 787-8 VT-ANB में भी हो सकती है। यह तकनीकी चूक की संभावना बढ़ा सकती है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा – “शुरुआती रिपोर्ट से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करें। जांच में पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन हो रहा है।”