AI और स्टॉक मार्केट के नाम पर 24 लाख की ठगी-सोशल मीडिया गैंग ने इंजीनियर को बनाया शिकार

इंदौर। शहर में हाईटेक ठगी का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। हीरानगर थाना क्षेत्र में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सोशल मीडिया के जरिए 24 लाख 25 हजार रुपये की चपत लगा दी गई। जालसाजों ने एडवांस टेक्नोलॉजी और एआई टूल्स के नाम पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया।
पुलिस के मुताबिक, झाड़बिड़ा रेहटगांव (हरदा) निवासी रोहित गौर, जो वर्तमान में मेघदूत नगर में किराए से रह रहा है, इस संगठित ठगी का शिकार हुआ। नवंबर 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर “एल्फा कनेक्ट-2105” नाम की आईडी से उसका संपर्क हुआ। इस आईडी की एडमिन वृतिका आनंद बताई जा रही है।
फर्जी ग्रुप, नकली मुनाफा- ठगी का पूरा खेल
रोहित को “स्टॉक मार्केट इंडिकेटर-2” नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां अनिरुद्ध जैन और हरजोत धालीवाल एडमिन बताए गए। इस ग्रुप में रोजाना शेयर बाजार और निवेश के नाम पर चर्चाएं होती थीं। आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास एडवांस AI टूल्स हैं, जो IPO और OTC में निवेश कर भारी मुनाफा दिला सकते हैं। भरोसा जीतने के लिए ग्रुप में फर्जी सदस्यों को जोड़ा गया, जो लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट शेयर करते थे।
लोन लेकर भी लगाया पैसा, फिर हुआ खेल खत्म
झांसे में आए रोहित ने अपनी जमा पूंजी तो लगाई ही, साथ ही पर्सनल लोन लेकर भी आरोपियों के बताए खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। जब उसने पैसे निकालने की बात कही, तो ठगों ने साफ इनकार कर दिया। इस तरह उसके साथ 24.25 लाख रुपये की ठगी हो गई। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद हीरानगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। साइबर एक्सपर्ट्स ने आरोपियों की आईडी और वॉट्सएप ग्रुप एडमिन की जानकारी जुटा ली है।
एक और वारदात-
एप डाउनलोड करते ही उड़ गए 1.5 लाख
इधर, एमआर-10 निवासी टैक्सी चालक धीरज साहू भी साइबर ठगी का शिकार हो गया। उसने एक बैंकिंग एप इंस्टॉल किया, जिसके बाद उसके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे और कुछ ही देर में खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये साफ हो गए। वहीं अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में सुदामानगर निवासी गोकुल मारु के साथ भी 1 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। उसके क्रेडिट कार्ड से अनाधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए।
7 साल पुराना मामला, अब दर्ज हुई FIR
राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने सात साल पुराने एटीएम फ्रॉड केस में भी आखिरकार एफआईआर दर्ज की है। फरियादी मुकेश नायक के अनुसार, जून 2019 में उसके खाते से 1.20 लाख रुपये जमशेदपुर (झारखंड) से 12 बार में निकाले गए थे, जबकि उसने कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया था।












