अहमदाबाद। मकर संक्रांति के मौके पर अहमदाबाद में इस बार भी ‘टेरेस टूरिज्म’ का क्रेज चरम पर नजर आ रहा है। शहर के पोल, खाडिया और रायपुर जैसे पुराने इलाकों में पतंगबाजी देखने और उसमें शामिल होने के लिए सभी ऊंची छतें पहले ही बुक हो चुकी हैं। इस बार छतों का किराया 20 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है, फिर भी डिमांड में कोई कमी नहीं दिख रही।
ओल्ड अहमदाबाद के इन इलाकों की खास बात यह है कि यहां की छतों से सामूहिक पतंगबाजी का नजारा देखने को मिलता है, जो शहर के दूसरे हिस्सों में कम ही नजर आता है। यही वजह है कि यहां की छतें मकर संक्रांति के आसपास ‘पर्यटन स्थल’ जैसी बन जाती हैं। कई परिवार और ग्रुप सिर्फ पतंगबाजी का आनंद लेने और त्योहार का माहौल महसूस करने के लिए इन छतों को किराए पर लेते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय लोगों के मुताबिक, ओल्ड अहमदाबाद के ज्यादातर परिवार अब विदेशों में बस चुके हैं, लेकिन मकर संक्रांति पर वे हर साल अपने शहर लौटते हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि बचपन की यादें और पारिवारिक परंपराओं को दोबारा जीने का मौका होता है। पतंगबाजी, छतों पर दावत और पुराने मोहल्लों की रौनक उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ती है।
रायपुर-खड़िया क्षेत्र के पोल हाउसों में भी मकर संक्रांति को लेकर छतों का किराया बढ़ गया है। हालांकि, छत बुक करने वाले पर्यटकों को कई सुविधाएं भी दी जाती हैं। घर के मालिक नाश्ता और दोपहर के भोजन की व्यवस्था करते हैं, वहीं कुछ पोल हाउसों में पारंपरिक जलेबी भोज का इंतजाम भी किया जाता है, जिससे पतंगबाजी के साथ त्योहार का पूरा आनंद मिल सके।
मकर संक्रांति अहमदाबाद के लिए अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि “टैरेस टूरिज्म” का बड़ा अवसर बन चुकी है। हर साल इस मौके पर शहर के कोट इलाके में स्थित पारंपरिक पोल हाउसों की छतों की जबरदस्त मांग देखने को मिलती है। इस साल स्थिति यह है कि इन पोल हाउसों की 80 फीसदी से ज्यादा छतें पहले ही बुक हो चुकी हैं। बढ़ती मांग के चलते पिछले साल के मुकाबले इस बार किराए में भी इजाफा हुआ है। मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी के लिए बड़ी छतों का किराया 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
मकर संक्रांति पर अहमदाबाद की पतंगबाजी सिर्फ स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहती। बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से लोग खास तौर पर पतंग उड़ाने और त्योहार का माहौल देखने के लिए शहर पहुंचते हैं।