Publish Date: 20 Feb 2023, 1:18 PM (IST)Updated On: 20 Feb 2023, 2:33 PM (IST)Reading Time: 2 Minute Read
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडाणी ग्रुप के शेयरों में गिरावट वाली फोर्ब्स द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेने से इनकार किया है। कोर्ट ने अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी के मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक के सुझाव को भी रिकॉर्ड में लेने से भी इनकार कर दिया।
केंद्र का सुझाव भी लेने से इनकार
सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस जे बी पारदीवाला की पीठ ने एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील का अनुरोध खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम इसे रिकॉर्ड में नहीं लेंगे। शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी को शेयर बाजार के लिए नियामक उपायों को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की एक प्रस्तावित समिति पर सीलबंद लिफाफे में केंद्र के सुझाव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
निवेशकों के हितों में पारदर्शिता जरूरी
शीर्ष अदालत ने कहा कि हम निवेशकों के हितों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना चाहते हैं। इसलिए सीलबंद लिफाफे में केंद्र के सुझाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने 10 फरवरी को कहा था कि अडाणी समूह के ‘स्टॉक रूट' की पृष्ठभूमि में भारतीय निवेशकों के हितों को बाजार की अस्थिरता के खिलाफ संरक्षित करने की आवश्यकता है। इसने नियामक तंत्र को मजबूत करने संबंधी निगरानी के लिए केंद्र से किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति की स्थापना पर विचार करने के लिए कहा था। इस मुद्दे पर वकील एम एल शर्मा और विशाल तिवारी, कांग्रेस नेता जया ठाकुर और कार्यकर्ता मुकेश कुमार ने अब तक शीर्ष अदालत में चार जनहित याचिकाएं दायर की हैं।