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15 साल पुरानी बसें तो बंद होंगी पर हवा में जहर घोल रहे भोपाल नगर निगम के 50 साल पुराने वाहनों का क्या...?

हाईकोर्ट ने 15 साल पुराने बसें बंद करने के राज्य सरकार के निर्णय पर मुहर लगा दी है। इससे पुरानी बसें चलना तो बंद हो जाएंगी, लेकिन भोपाल नगर निगम के 50 साल पुराने वाहन क्या फिर भी चलते रहेंगे, ये बड़ा सवाल है। खास बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस इन पर कार्रवाई नहीं करती। फिटनेस और पीयूसी तो क्या आरटीओ में रिकार्ड तक नहीं है।
15 साल पुरानी बसें तो बंद होंगी पर हवा में जहर घोल रहे भोपाल नगर निगम के 50 साल पुराने वाहनों का क्या...?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। हाईकोर्ट ने 15 साल पुरानी बसों का संचालन बंद करने के सरकार के आदेश पर मुहर लगा दी है, ताकि एयर पॉल्यूशन को कम किया जा सके। जबकि सेंट्रल गवर्नमेंट की स्क्रैप पॉलिसी भी 15 साल पुराने वाहनों को कंडम करार देती है। लेकिन, राजधानी में 40 से 50 साल पुराने ऐसे वाहन हैं, जो धुएं की शक्ल में जहर उगल रहे हैं। इनमें सिर्फ नगर निगम के छोटे-बड़े वाहनों का आंकड़ा 500 के करीब है। इन वाहनों को न तो पीयूसी मिलता है न ही फिटनेस। हालात ये हैं कि इनका रिकार्ड तक परिवहन विभाग के पास नहीं है। इसी तरह पुलिस महकमे के 42 वाहन कंडम हो चुके हैं, जिन्हें स्क्रैप किया जाना चाहिए, लेकिन इनका इस्तेमाल आज भी पेट्रोलिंग सहित अन्य कामों में किया जा रहा है।

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    40-50 साल पुराने 500 से ज्यादा वाहन 

    निगम 1400 से ज्यादा छोटे-बड़े वाहनों का काफिला है। इनमें 40 और 50 साल पुराने वाहनों आंकड़ा 500 से भी ज्यादा है। सबसे ज्यादा कंडम वाहन (ट्रक-डंप) स्वास्थ्य विभाग में हैं। इनकी नंबर सीरीज ‘सीपीडी’ है, जो करीब 40 साल पुरानी है। अब सवाल ये है कि ये वाहन सड़क पर कैसे चल रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने इस वाहन को अब तक जब्त क्यों नहीं किया। इधर, स्वास्थ्य विभाग में ही तैनात सीपीडी 8306 नंबर का 1210 मॉडल ट्रक निगम के वाहन बेड़े में 1979 में शामिल हुआ था, जिसकी वर्तमान उम्र 47 साल हो चुकी है। लेकिन, यह ट्रक सड़क पर दौड़ता हुआ ट्रैफिक पुलिस की नजर में नहीं आया।

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    नगर निगम में 50 साल से ज्यादा पुरानी सीरीज

    • MPD-1970
    • CPD-1970
    • CPC-1972
    • CPB-1975
    • MBB-1981
    • MBD-1983
    • MIB-1987
    • CPZ-1987
    • MKD-1987
    • MOB-1988
    • MIB-1988
    • MID-1988
    • MOC-1989

    सबसे ज्यादा कंडम हैं नगर निगम के डंपर और टैंकर

    नगर निगम के वाहन बेड़े में वर्तमान में 1400 से ज्यादा वाहन हैं। इनमें से लगभग 30 फीसदी वाहन स्क्रैप पॉलिसी के तहत अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। कंडम वाहनों की लिस्ट में एम्बेसेडर कारों समेत जीप, वॉटर टैंकर, डंपर, फायर टेंडर (दमकल), मिनी गारवेज, जेसीबी, क्रेन, ट्रैक्टर, आटो, हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, एम्बुलेंस (शव वाहन), एनीमल कॉर्ट सहित अन्य वाहन शामिल हैं।

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    कभी सबसे कम था प्रदूषण, अब 30 फीसदी हिस्सेदारी वाहनों की

    भोपाल में पांच साल पहले तक वाहनों से होने वाला प्रदूषण देश के बड़े शहरों में सबसे कम माना जाता था। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की 14 शहरों पर जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी। उस समय दिल्ली में परिवहन से सबसे ज्यादा प्रदूषण था, जबकि भोपाल सबसे बेहतर स्थिति में था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। राजधानी में वर्तमान वायु प्रदूषण में 30 फीसदी हिस्सेदारी वाहनों की हो गई है, जिसमें 15 फीसदी डीजल और 15 फीसदी पेट्रोल वाहन शामिल हैं। वाहनों से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन डाईऑक्साइड पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

    344 वाहन पुराने, 143 की होनी है नीलामी 

    नगर निगम के पास 20 से 40 या इससे भी ज्यादा पुराने 344 छोटे-बड़े वाहन हैं। इनमें बड़ी संख्या में डंपर भी शामिल हैं। यूं तो सभी वाहन कंडम हो चुके हैं, लेकिन इनमें से 143 वाहनों को कंडम मान उनकी नीलामी की जानी है।

    पुराने वाहनों की नीलामी कर रहे हैं  

    आरटीओ से निगम के सभी वाहनों की फिटनेस कराई जाती है। स्क्रैप पॉलिसी के तहत जो वाहन कंडम हो चुके हैं उनकी नीलामी की जा रही है।

    विजय गोयल, प्रभारी परिवहन शाखा, नगर निगम

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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