PlayBreaking News

तीन राज्यों में फैले करोड़ों के जमीन घोटाले का भंडाफोड़ :ईडी ने दो मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

ईडी ने 7 मई 2026 को दर्ज ईसीआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर की गई।
Follow on Google News
ईडी ने दो मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

पीपुल्स संवाददाता, इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में फैले बहुचर्चित जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े एक ट्रस्ट की करोड़ों रुपए मूल्य की संपत्तियों को फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित अधिकार पत्रों के जरिए बेच दिया गया।

दो आरापी हुए गिरफ्तार

ईडी ने इस मामले में जी. रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। दोनों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें ईडी रिमांड पर भेज दिया गया। ईडी के अनुसार मामला स्पिरिचुअल रिजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एसआरएमएफ) से जुड़ा है। यह संस्था वर्ष 1963 में पंजीकृत चैरिटेबल सोसायटी है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने खुद को संस्था का अधिकृत पदाधिकारी बताकर ट्रस्ट की अचल संपत्तियों को अवैध रूप से बेचने की साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, कूटरचित बोर्ड रेजोल्यूशन और नकली प्राधिकरण पत्रों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए की जमीनों की बिक्री की। 

यह भी पढ़ें: भोजशाला में उत्सव : शुक्रवार को हिंदूओं ने दिनभर की पूजा, सामूहिक आरती उतारी, 721 साल बाद ऐसा अवसर

MP- छत्तीसगढ़ में दर्ज FIR के आधार पर की गई कार्रवाई

ईडी ने 7 मई 2026 को दर्ज ईसीआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर की गई। इन मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी, प्रतिरूपण और आपराधिक विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच के दौरान 14 और 15 मई को कई स्थानों पर छापेमार कार्रवाई भी की गई। ईडी ने सिंगवानी इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों की संपत्तियों पर रोक लगाने के आदेश भी जारी किए हैं।

खुद को ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष बताकर रची साजिश

ईडी के मुताबिक मुख्य आरोपी जी. रामचंद्र मोहन ने वर्ष 2010 में खुद को एसआरएमएफ का कोषाध्यक्ष बताकर फर्जी तरीके से संस्था पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की। आरोप है कि उसने मिलते-जुलते नाम से एक काल्पनिक संस्था बनाई और आयकर विभाग द्वारा निष्क्रिय किए जा चुके पैन नंबर का इस्तेमाल कर बैंक खाता तक खुलवा लिया। जांच एजेंसी का कहना है कि इसी बैंक खाते के माध्यम से अपराध से अर्जित धनराशि का लेन-देन किया गया।

ईडी ने बताया कि आरोपी आकाश मालवीय ने ट्रस्ट के कार्यकारी सदस्य के रूप में खुद को प्रस्तुत किया और जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि उसने अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनकर कई बिक्री दस्तावेजों को अंजाम दिया।

बिल्डर कंपनी की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच में सिंगवानी इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रदीप सिंह की भूमिका भी सामने आई है। ईडी का आरोप है कि कंपनी को यह जानकारी थी कि संबंधित जमीनें एसआरएमएफ ट्रस्ट की हैं और बेचने वालों के पास कोई वैध अधिकार नहीं है, इसके बावजूद कंपनी ने जमीन खरीदने के सौदे किए।

ईडी के अनुसार, फर्जी बिक्री दस्तावेज बनने के तुरंत बाद इन संपत्तियों के हिस्से तीसरे पक्ष को भी बेचे गए, जिससे धन शोधन और अवैध लाभ कमाने की साजिश को अंजाम दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, कंपनियों और संपत्तियों की जांच कर रहा है। एजेंसी को आशंका है कि ट्रस्ट की कई और संपत्तियां भी इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेची गई हैं।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts