शहडोल में बिगड़ैल हाथी का तांडव,रेस्क्यू टीम पर हमला कर पिंजरा तोड़ जंगल में भागा

शहडोल में बिगड़ैल हाथी ने रेस्क्यू टीम पर हमला कर पिंजरा तोड़ दिया और वनकर्मियों पर हमला कर जंगल में भाग निकला। वन विभाग के तीन ट्रैंकुलाइजर शॉट भी बेअसर रहे। हाथी अब तक 4 लोगों और 8 मवेशियों की जान ले चुका है।
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रेस्क्यू टीम पर हमला कर पिंजरा तोड़ जंगल में भागा

मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिले में पिछले डेढ़ महीने से दहशत का कारण बने बिगड़ैल हाथी को पकड़ने की वन विभाग की कोशिश शुक्रवार को नाकाम हो गई। केशवाही वन परिक्षेत्र के बेलिया जंगल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हाथी अचानक इतना उग्र हो गया कि उसने रेस्क्यू टीम पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, उसने लोहे के भारी पिंजरे को पलटकर तोड़ दिया और फिर जंगल की ओर भाग निकला। हाथी के अचानक आक्रामक होने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन से ज्यादा वनकर्मियों ने दौड़कर अपनी जान बचाई।

चार दिनों से चल रहा था ऑपरेशन

वन विभाग की टीम पिछले चार दिनों से बेलिया जंगल क्षेत्र में डेरा डाले हुए थी। शुक्रवार सुबह बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय गांधी टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। प्रशिक्षित हाथियों की मदद से बिगड़ैल हाथी को घेरकर बेस कैंप तक लाया गया था। रेस्क्यू टीम को उम्मीद थी कि हाथी को सुरक्षित तरीके से पिंजरे में बंद कर लिया जाएगा, लेकिन जैसे ही उसे पिंजरे के अंदर ले जाने की कोशिश की गई, वह बेकाबू हो गया। हाथी ने गुस्से में पिंजरे पर जोरदार हमला कर दिया। लगातार टक्कर मारने से पिंजरा पलट गया और क्षतिग्रस्त हो गया।

बेहोशी का इंजेक्शन भी नहीं आया काम

हाथी को काबू में करने के लिए वन विभाग ने तीन बार ट्रैंकुलाइजर शॉट दागे। आमतौर पर इतनी मात्रा में बेहोशी की दवा असर कर जाती है, लेकिन इस बार हाथी की हालत बेहद उत्तेजित थी। अधिकारियों के मुताबिक गुस्से और घबराहट की वजह से दवा का असर नहीं हो पाया। इसके बाद हाथी पिंजरा तोड़कर तेजी से घने जंगल की ओर भाग निकला। घटना के बाद पूरे इलाके में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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डेढ़ महीने से मचा रखा है आतंक

यह हाथी पिछले करीब डेढ़ महीने से शहडोल और अनूपपुर जिले के कई गांवों में आतंक का कारण बना हुआ है। अब तक उसके हमले में चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा आठ मवेशियों को भी हाथी ने मार डाला। दो बच्चों समेत तीन लोग घायल भी हुए हैं। लगातार बढ़ते हमलों के कारण वन विभाग पर हाथी को जल्द पकड़ने का दबाव था। इसी वजह से बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

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क्षतिग्रस्त पिंजरा मरम्मत के लिए भेजा गया

हाथी के हमले में टूटे पिंजरे को मरम्मत के लिए बुढार भेज दिया गया है। वन विभाग का कहना है कि शनिवार सुबह फिर से नया रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा। टीम हाथी की लगातार निगरानी कर रही है और उसके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। केशवाही वन संरक्षक महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जंगली और भारी-भरकम हाथियों के रेस्क्यू ऑपरेशन में इस तरह की अप्रत्याशित घटनाएं सामान्य होती हैं। हाथी अचानक उग्र हो गया था, जिससे पिंजरे को नुकसान पहुंचा। हमारी टीम ने हिम्मत नहीं हारी है। पिंजरे की मरम्मत कराकर शनिवार से फिर अभियान शुरू किया जाएगा।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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