
मुंबई। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा सत्र से सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई औरंगजेब पर दिए गए विवादित बयान के बाद की गई है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा में उनके निलंबन का प्रस्ताव पेश किया, जिसे मंजूरी मिल गई। हालांकि, इस पर अभी भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
बीजेपी ने की विधायकी रद्द करने की मांग
बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने अबू आजमी के केवल एक सत्र के लिए निलंबन पर आपत्ति जताई और कहा कि “ऐसे व्यक्ति को सिर्फ एक सत्र के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह से विधायक पद से हटाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज पूजनीय हैं और उनका अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
लंबे समय तक निलंबन पर कानूनी पेंच
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार किसी भी विधायक को एक सत्र से अधिक समय तक सस्पेंड नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले पर आगे की कार्रवाई तय करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जो यह आकलन करेगी कि क्या अबू आजमी की विधायकी को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।
विवाद बढ़ने पर अबू आजमी ने मांगी माफी
अबू आजमी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, “मैं छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ कुछ बोलने की सोच भी नहीं सकता। मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल इतिहासकारों के बयानों को दोहराया था।
आजमी ने कहा, “अगर मेरे बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं और अपने बयान को वापस लेता हूं।”
अबू आजमी के खिलाफ दर्ज हुआ केस
आजमी के विवादित बयान के बाद महाराष्ट्र के ठाणे में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने अपने बयान में औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी और असहिष्णु शासक मानने से इनकार किया था और कहा था कि “आजकल फिल्मों के जरिए मुगल शासकों की विकृत छवि पेश की जा रही है।”
अबू आजमी के बयान पर बवाल
सपा नेता अबू आजमी ने मुगल शासक औरंगजेब का बचाव करते हुए कहा था कि वह न तो क्रूर थे, न ही अत्याचारी और न ही असहिष्णु। उन्होंने कहा कि आज कल फिल्मों के जरिए मुगल बादशाहों की गलत छवि पेश की जा रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक दलों और संगठनों में नाराजगी देखने को मिली।
26 मार्च को समाप्त होगा महाराष्ट्र विधानसभा सत्र
महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च को समाप्त हो रहा है। अब देखना होगा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर अबू आजमी की विधायकी को लेकर क्या बड़ा फैसला लिया जाता है।