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भोपाल :एससी-एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, 20 सूत्रीय मांगों को लेकर भेल दशहरा मैदान में जुटे लोग

संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि इस महासम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को मजबूती से उठाना है।
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एससी-एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, 20 सूत्रीय मांगों को लेकर भेल दशहरा मैदान में जुटे लोग
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन रविवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग जुटे। सम्मेलन में मंच से नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।

    संविधान का लाभ जमीनी स्तर पर नहीं मिल रहा

    नेताओं का कहना था कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आज भी शिक्षा, रोजगार, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। संविधान में जो अधिकार इन वर्गों को दिए गए हैं, उनका पूरा लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है। इसी को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।

    संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि इस महासम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को मजबूती से उठाना है। साथ ही लंबे समय से लंबित सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर उन्हें जल्द हल कराने की मांग भी सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रही।

    संयुक्त मोर्चा की ये हैं प्रमुख मांगें-

    1. प्रशासन और आरक्षण

    • IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ जारी नोटिस और डोप्ट को भेजा गया प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए।

    • ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में 52% आरक्षण दिया जाए।

    • ओबीसी के रोके गए 13% पद तुरंत खोले जाएं और नियुक्ति पत्र जारी हों।

    • ओबीसी, एससी और एसटी के खाली व बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरा जाए।

    2. नौकरी और पदोन्नति

    • निजी और आउटसोर्स कार्यों में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार आरक्षण मिले।

    • सरकारी सेवाओं में ओबीसी को भी एससी-एसटी की तरह पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।

    • पुरानी पेंशन योजना (OPS) दोबारा लागू की जाए।

    • सफाई कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।

    3. न्याय व्यवस्था

    • सिविल जज भर्ती परीक्षा 2022 पर पुनर्विचार किया जाए।

    • आगे सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।

    • जिला अदालतों के कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारी चयन आयोग से हो।

    • हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व मिले।

    • कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए।

    4. शिक्षा और छात्र

    • ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति शीघ्र जारी की जाए।

    • छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जाए।

    5. संविदा और ठेका व्यवस्था

    • 16 दिसंबर 2025 को पारित संविदा और आउटसोर्स से जुड़ा कानून रद्द किया जाए।

    • वर्ग-3 और वर्ग-4 के पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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