
इंदौर। शहर के हीरानगर थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर को सैकड़ों की संख्या में स्टूडेंट्स थाने पहुंचे। उन्होंने थाने पर शिकायत दर्ज करवाई कि इलाके के एक स्कूल की मान्यता नहीं होने के बाद भी कई दिनों से स्कूल संचालक उन्हें 10वीं और 12वीं की तैयारी करवा रहा था। सोमवार यानी 5 फरवरी से 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली है, लेकिन स्कूल संचालक उन्हें एक दिन पहले तक रोल नंबर नहीं दे पाया, जब उन्होंने जानकारी निकाल तो उन्हें मालूम पड़ा कि स्कूल की मानता नहीं है। इसके बाद सभी छात्र-छात्राएं अपने परिजनों के साथ विधायक रमेश मेंदोला के पास पहुंचे। विधायक के हस्तक्षेप के बाद हीरानगर थाने में स्कूल संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
कल से हैं 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं
थाने में मौजूद छात्र-छात्राओं ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि थाना क्षेत्र में गुरुकुल गुरुदेव नाम से स्कूल संचालन किया जा रहा था। छात्र-छात्राओं को संचालक द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि उनके स्कूल में 10वीं और 12वीं की तैयारी कराई जाती है। सैंकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने इस स्कूल में एडमिशन ले रखा था, लेकिन रविवार 4 फरवरी तक किसी भी छात्र-छात्रा को जब अपना रोल नंबर नहीं मिला तो वह इससे परेशान होकर अपने अभिभावक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अभिभावकों द्वारा स्थानीय विधायक रमेश मेंदोला से इस पर बात की गई। विधायक द्वारा तुरंत इंदौर कलेक्टर को सूचना दी गई। इंदौर कलेक्टर द्वारा शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में पूरा मामला लाया गया और उसके बाद थाने पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही गई।
इंदौर – सैंकड़ों स्टूडेंट्स का #भविष्य अधर में लटका, परीक्षा से एक दिन पहले छात्रों को पता चला, जिस स्कूल से पढ़े उसकी #मान्यता ही नहीं, विधायक #रमेश_मेंदोला के दखल के बाद स्कूल संचालक के खिलाफ दर्ज हुई #FIR, देखें VIDEO || #Indore #IndorePolice #Students #School #RameshMendola… pic.twitter.com/JamVhkqNgr
— Peoples Samachar (@psamachar1) February 4, 2024
स्कूल की नहीं है मान्यता
छात्र-छात्राओं ने यह भी बताया कि वह एक साल से 10वीं और 12वीं परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन स्कूल संचालक ने उन्हें अब तक यह नहीं बताया था कि स्कूल में 10वीं और 12वीं की मान्यता नहीं है, लेकिन 4 फरवरी को जब सभी छात्र-छात्राएं अपना रोल नंबर लेने गए तो स्कूल संचालक उन्हें रोल नंबर देने में असमर्थ रहा। इसके बाद 5 फरवरी को सभी छात्र-छात्राओं की परीक्षा होने वाली है। इस घटना के बाद जहां एक और सैंकड़ों स्टूडेंट्स का भविष्य अंधकार में है।
(इनपुट – हेमंत नागले)