Kondragunta Mahalakshmamma:95 साल की उम्र में छोड़ी अमेरिकी नागरिकता! बोलीं- अंतिम सांस अपने देश की मिट्टी में भारतीय बनकर लेना चाहती हूं

आंध्र प्रदेश। उम्र के आखिरी पड़ाव पर अक्सर इंसान अपने घर और अपनी मिट्टी की ओर लौटना चाहता है। आंध्र प्रदेश की रहने वाली 95 वर्षीय महालक्ष्मम्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। करीब 18 साल अमेरिका में रहने और वहां की नागरिकता लेने के बाद उन्होंने अब अपनी भारतीय पहचान वापस पाने का फैसला किया है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकता छोड़ दी है और भारतीय नागरिकता बहाल करने के लिए जिला प्रशासन से प्रक्रिया जल्द पूरी करने की अपील की है। उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि जीवन के अंतिम दिन और अंतिम संस्कार अपने पैतृक गांव में ही हों।
अमेरिका में रहीं, मन हमेशा भारत में रहा
महालक्ष्मम्मा आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के चिनागंजम मंडल के चिंथागुम्पला गांव की रहने वाली हैं। वर्ष 2000 में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं और वहीं की नागरिकता भी ले ली थी। इसके बाद उन्होंने लगभग 18 साल तक अमेरिका में जीवन बिताया। हालांकि इतने लंबे समय तक विदेश में रहने के बावजूद उनका मन हमेशा अपने गांव और अपने देश से जुड़ा रहा। इसी वजह से वह वर्ष 2018 में भारत लौट आईं और तब से अपने पैतृक गांव में रह रही हैं।
भारतीय नागरिकता वापस पाने की इच्छा
भारत लौटने के बाद महालक्ष्मम्मा ने तय किया कि वह फिर से भारतीय नागरिक बनना चाहती हैं। इसी उद्देश्य से वह अपने बेटे के साथ बापटला जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्होंने पहले से ऑनलाइन जमा किए गए आवेदन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज अधिकारियों को सौंपे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से नागरिकता बहाल करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया। उन्होंने अमेरिकी पासपोर्ट का भी औपचारिक रूप से त्याग कर दिया है।
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अंतिम समय अपनी मिट्टी में बिताने की चाह
जिला कलेक्टर से मुलाकात के दौरान महालक्ष्मम्मा ने अपनी सबसे बड़ी इच्छा भी साझा की। उन्होंने कहा कि अब उनकी उम्र 95 वर्ष के करीब है और वह अपने जीवन की अंतिम सांस भारतीय नागरिक के रूप में लेना चाहती हैं। उनका सपना है कि जब उनका अंतिम समय आए तो उनका अंतिम संस्कार भी उनके पैतृक गांव की मिट्टी में ही किया जाए। उनके इस भावनात्मक अनुरोध ने वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों को भी भावुक कर दिया।
प्रशासन कर रहा है आवेदन की जांच
जिला प्रशासन ने बताया कि महालक्ष्मम्मा के आवेदन की सामान्य प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। दस्तावेजों और अन्य जरूरी औपचारिकताओं का सत्यापन पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि भारतीय नागरिकता बहाल करने पर अंतिम निर्णय कब तक लिया जाएगा।
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सोशल मीडिया पर भी हो रही चर्चा
महालक्ष्मम्मा की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी भावनाओं की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि चाहे कोई दुनिया के किसी भी देश में क्यों न रहे, अपनी जन्मभूमि और अपनी मिट्टी से जुड़ाव कभी खत्म नहीं होता। उनकी यह इच्छा इस बात का उदाहरण मानी जा रही है कि अपने देश और अपनी पहचान से भावनात्मक रिश्ता समय के साथ भी कमजोर नहीं पड़ता। यही कारण है कि उनकी कहानी लोगों के दिलों को छू रही है और तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है।











