इंदौर। दो साल की बालिका बच्ची को छोटी सी उम्र में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने के कारण उसे 9 करोड़ रुपए का इंजेक्शन लगाया जाना है। उसके परिजनों ने इसके लिए जिला प्रशासन से मांग की है। बच्ची की जिंदगी बचाने के लिए सहयोग की अपील कलेक्टर शिवम वर्मा ने समाज के दानदाताओं से की है। उन्होंने सभी के सहयोग का आग्रह किया है।
जनसुनवाई में मंगलवार को कलेक्टर शिवम वर्मा के समक्ष एक दंपत्ति अपनी छोटी बिटिया को लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस बच्ची को दुर्लभ बीमारी है। इसका इलाज नई दिल्ली के एम्स में चल रहा है। इस बच्ची की जिंदगी बचाने के लिये जरूरी दवा की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपए है। हम अकेले यह खर्च नहीं कर सकतें है। उल्लेखनीय है कि बालिका के पिता राजगढ़ की एक ट्रैवल एजेंसी में काम करते हैं और उनकी आय कम है। कलेक्टर वर्मा ने गंभीरता से समस्या को सुना और धैर्य देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन इस परिवार के साथ है। इलाज के लिए शासन-प्रशासन द्वारा हरसंभव मदद की जाएगी। कलेक्टर वर्मा ने जिले के दानदाताओं से भी अपील की है कि वे इस बच्ची के इलाज के लिए आगे आकर सहायता करें। बच्ची का विवरण और सहायता सेवा सेतु ऐप में रहेगा। इस ऐप के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
बच्ची के परिजनों ने बताया कि बेटी स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी नाम की दुर्लभ बीमारी से लड़ रही है। यह बीमारी धीरे-धीरे उसके पूरे शरीर को कमजोर कर रही है- लेकिन अब भी उम्मीद बाकी है। उसकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी दवा Zolgensma की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपए है।
बच्ची की मां सरिता शर्मा ने कहा कि-हम अकेले यह बोझ नहीं उठा सकते लेकिन आपका हर छोटा योगदान हमारी बेटी की सांसों में नई जान डाल सकता है। मेरी प्रदेश की लाड़ली बहनाओं से गुहार है कि सभी अगर दस-दस रुपए का सहयोग भी करेंगी तो मेरी बच्ची की जान बचाई जा सकती है। आप बच्ची के पिता प्रवीण शर्मा को सहयोग राशि के लिए उनके मोबाइल नंबर 9893523017 पर संपर्क कर सकते हैं।