Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
गुना जिले से सिर्फ 15 किमी दूर सरखंडी की टपरा बस्ती के आदिवासी और दलित परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव के बीच से बहने वाली नदी पर पुल न होने के कारण लोग पेड़ के तने और रस्सियों के सहारे नदी पार करते हैं।
गांव के अर्जुन अहिरवार ने बताया कि यहां करीब 24 परिवार रहते हैं। बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई सालों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। चुनाव के समय नेता वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद कोई सुनवाई नहीं होती। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिए गए, फिर भी स्थिति जस की तस है।
महज 15 किमी दूर इस गांव की हालत प्रशासन और सरकार के विकास दावों पर सवाल खड़े करती है। जब लोग आज भी रस्सियों और पेड़ों के सहारे नदी पार कर रहे हैं, तो योजनाओं की हकीकत सामने आती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से फिर मांग की है कि इस नदी पर जल्द से जल्द पक्का पुल बनाया जाए। उनका कहना है कि यह मांग सुविधा के लिए नहीं बल्कि सुरक्षित जीवन के लिए है।