PlayBreaking News

एमपी कॉडर में IFS के 296 में से 70 पद खाली

चार साल से कॉडर रिव्यू की फाइल अटकी, केंद्र से भी नहीं मिल रहे नए अफसर
Follow on Google News
एमपी कॉडर में IFS के 296 में से 70 पद खाली

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। मध्यप्रदेश का फॉरेस्ट सिस्टम पिछले कई साल से गड़बड़ाया है। यहां आईएफएस कॉडर में 296 पदों में से 71 पद रिक्त हैं। जिससे विभाग का सामाजिक वानिकी, अनुसंधान एवं विस्तार के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गईं हैं। पूर्व आईएफएस आजाद सिंह डबास का कहना है कि जिलों में बिना कार्ययोजना के वनों का संरक्षण हो रहा है। इससे वनों की सुरक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है। प्रदेश में चार साल से कॉडर रिव्यू नहीं होने से पदों का युक्तियुक्तकरण नहीं हो पा रहा है। वन विभाग बार-बार प्रपोजल भेजकर केंद्र से अफसर मांग रहा लेकिन समस्या नहीं सुलझ रही है।

वन विकास निगम और फेडरेशन में एमडी नहीं

विभाग में राज्य लघु वनोपज संघ और राज्य वन विकास निगम में प्रबंध संचालक के पद रिक्त हैं। निगम में एमडी रहते अभय कुमार पाटिल वन बल प्रमुख बन गए। तब से यहां नई पोस्टिंग नहीं हुई। दिसंबर माह में फेडरेशन के एमडी पुष्कर सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद से पद खाली है। फेडरेशन में अपर प्रबंध संचालक के सात और वन विकास निगम में 6 पद रिक्त हैं।

वन मुख्यालय में अफसरों की बड़ी कमी, कैंपा भी प्रभार पर

एपीसीसीएफ के कुल 25 पद स्वीकृत हैं इनमें 13 खाली हैं। वन मुख्यालय में अनुसंधान एवं विस्तार, सतर्कता एवं शिकायत, उत्पादन, जेएफएम एवं एफडीए, निगरानी एवं मूल्यांकन, मानव संसाधन, वन भूमि रिकॉर्ड, कार्यआयोजना क्षेत्र इंदौर तथा भोपाल, सरंक्षण वन मुख्यालय भोपाल और कैंपा प्रभार में चल रहे हैं।

CCF के 51 पद, 37 खाली

सीसीएफ के कुल 51 पद हैं। इनमें 37 पद रिक्त हैं। CCF प्रशासन राजपत्रित- 1, प्रशासन अराजपत्रित-2, भू-प्रबंध, समन्वय, उत्पादन, वित्त एवं बजट, भू- अभिलेख, जेएफएम, आईटी क्राइम प्रोटेक्शन, वन्यप्राणी के साथ मुख्यालय में सीएफ के 2 पद और CF वन्यप्राणी और प्रशासन दो के पद रिक्त हैं।

रेंजर्स कॉलेज में प्राचार्य नहीं, कार्ययोजना भी ठप

बालाघाट के रेंजर्स कॉलेज प्राचार्य, CF कार्ययोजना नहीं है। बैतूल में CCF कार्यआयोजना, सामाजिक वानिकी वृत्त और डीएफओ उत्पादन का पद खाली है। भोपाल में सीसीएफ कार्ययोजना, डीएफओ पर्यावरण वानिकी भोपाल भी नहीं।

इन जिलों में भी कमी

डीएफओ टीकमगढ़, सीएफ कार्ययोजना ग्वालियर, सीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार वृत्त ग्वालियर, डीएफओ दतिया और नर्मदापुरम, सीसीएफ सामाजिक वानिकी इंदौर, सीएफ सामाजिक वानिकी वृत्त झाबुआ एवं जबलपुर, डीएफओ उत्पादन डिंडोरी, सीसीएफ सामाजिक वानिकी वृत्त रीवा तथा खंडवा, डीएफओ उत्पादन खंडवा, सीसीएफ सामाजिक वानिकी रीवा वृत्त, सीएफ कार्यआयोजना रीवा, सीसीएफ सामाजिक वानिकी वृत्त सागर भी नहीं। सीएफ कार्यआयोजना सागर, टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, पेंच और माधव राष्ट्रीय उद्यान में फील्ड डायरेक्टर, सीसीएफ अनुसंधान एवं विस्तार वृत्त सिवनी, अनुसंधान एवं विस्तार वृत्त रतलाम, सीएफ कार्यआयोजना उज्जैन, शिवपुरी एवं डीएफओ उत्पादन देवास में अधिकारी नहीं है।

कारण: कॉडर मैनेजमेंट में दस साल से नहीं हुआ सुधार

कॉडर मैनेजमेंट में पिछले दस साल से सुधार नहीं लाया जा सका है। सीसीएफ बनने के लिए 18 साल, सीएफ के लिए 14 और एपीसीसीएफ के लिए 25 साल की सर्विस होना चाहिए। इसके चलते प्रमोशन नहीं हो पा रहे हैं।

प्रपोजल शासन को भेज चुके केंद्र सरकार से आईएफएस अफसरों की लगातार डिमांड की जा रही है। कॉडर रिव्यू के लिए शासन को प्रपोजल भेजा जा चुका है। पद रिक्त होने से कार्य पर असर तो पड़ता है। -डॉ. अभय कुमार पाटिल, वन बल प्रमुख

People's Reporter
By People's Reporter
नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts