बिहार विधान परिषद चुनाव:NDA में मंथन जारी, निशांत कुमार और दीपक प्रकाश के नाम की चर्चा

निशांत कुमार और दीपक प्रकाश को NDA की ओर से विधान परिषद उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। दोनों फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, बावजूद इसके मंत्री हैं। जून में खाली हो रही सीटों को लेकर गठबंधन में बातचीत जारी है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की चर्चा तेज
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का नाम विधान परिषद उम्मीदवार के तौर पर तेजी से सामने आ रहा है। उन्होंने हाल ही में 8 मार्च 2026 को जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद उन्हें सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई। राजनीतिक रूप से यह कदम उन्हें सक्रिय राजनीति में स्थापित करने की दिशा में देखा जा रहा है। पूव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे होने के कारण उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है।
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दीपक प्रकाश भी दौड़ में शामिल
बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। वे राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं और राजनीतिक रूप से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल वे भी किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, ऐसे में परिषद के जरिए उन्हें सदन में भेजा जा सकता है। एनडीए के भीतर उनकी दावेदारी को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। इससे गठबंधन में सामाजिक समीकरण मजबूत करने की कोशिश भी नजर आती है।
28 जून को 9 सीटें हो रही खाली
बिहार विधान परिषद की कुल 9 सीटें 28 जून को खाली होने जा रही हैं। इसके अलावा एक सीट पर उपचुनाव भी प्रस्तावित है, जिससे कुल 10 सीटों पर चुनाव की स्थिति बन रही है। विभिन्न दलों के कई सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सीटों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयार करनी शुरू कर दी है। NDA के भीतर सीट बंटवारे को लेकर भी लगातार बातचीत जारी है। चुनाव की घोषणा मई के आखिरी सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है।
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जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान
इस बार के चुनाव में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को खास प्राथमिकता दी जा रही है। राजनीतिक दल ऐसे उम्मीदवारों को आगे लाने की रणनीति बना रहे हैं, जिनकी समाज में मजबूत पकड़ हो। NDA भी इसी फॉर्मूले पर काम करता नजर आ रहा है। अलग-अलग वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश इस चुनाव में साफ दिखाई दे सकती है। इससे आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने की तैयारी भी झलकती है।
बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज
चुनाव की आहट के बीच बिहार में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वरिष्ठ नेताओं की बैठकें और आपसी संवाद बढ़ गए हैं। मुख्यमंत्री के स्तर पर भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श जारी है। आगामी कार्यक्रमों और राजनीतिक रणनीतियों पर लगातार चर्चा हो रही है।












