छत्तीसगढ़। बीजापुर में न्यू बस स्टैंड के पीछे चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक करीब 40 अवैध मकानों को तोड़ा जा चुका है। इस कार्रवाई के दौरान एक संवेदनशील मामला भी सामने आया है, जहां डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के एक जवान का घर भी ढहा दिया गया। बताया जा रहा है कि जवान उस वक्त नाइट ड्यूटी पर था और घर में उसकी पत्नी मौजूद थी। पत्नी का कहना है कि वे वर्ष 2006 से यहां रह रहे हैं और उनके गांव में अब कोई ठिकाना नहीं बचा है।
कार्रवाई के दौरान कई महिलाओं की आंखों में आंसू नजर आए। रोती-बिलखती महिलाएं प्रशासन से सवाल करती दिखीं कि अब वे अपने बच्चों और परिवार के साथ कहां जाएंगी। इन्हीं पीड़ितों में शामिल गंगा माड़वी ने बताया कि वे पिछले चार सालों से अपने परिवार के साथ यहां रह रहे हैं। नक्सली हिंसा के चलते उन्हें अपना गांव छोड़ना पड़ा था।
उनके मुताबिक, प्रशासन से चर्चा के बाद ही उन्होंने यहां घर बनाया था और वे नियमित रूप से टैक्स भी जमा कर रहे थे। इसके बावजूद अब उनके मकान को अवैध बताकर गिराया जा रहा है।

गंगा माड़वी का कहना है कि तीन महीने पहले उन्हें मकान खाली करने का नोटिस दिया गया था, जिसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन है। उस दौरान उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया था कि मकान नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन अब बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि अगर वे गांव लौटे तो नक्सली उनकी जान ले सकते हैं।
इस कार्रवाई ने प्रशासन की प्रक्रिया और पुनर्वास की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन परिवारों के लिए, जो पहले ही हिंसा और विस्थापन का दंश झेल चुके हैं। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर बीजापुर नगरपालिका के अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस बल के जवान तैनात हैं। प्रशासनिक अमला पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त रखी गई है।