फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कहा जाता है कि एक सही किरदार किसी भी कलाकार की किस्मत बदल सकता है और हाल ही में इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरे हैं अक्षय खन्ना। फिल्म धुरंधर में उनके निभाए ‘रहमान डकैत’ के किरदार ने दर्शकों के दिलों में ऐसा खौफ और प्रभाव पैदा किया कि हर तरफ उनकी एक्टिंग की चर्चा होने लगी। लेकिन इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जिस रोल ने अक्षय खन्ना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया, उसे उनसे पहले साउथ और बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों ने ठुकरा दिया था। यह खुलासा किया मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने, जिन्होंने इस फिल्म के लिए कास्टिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके मुताबिक कई बड़े नाम इस किरदार को लेकर उत्साहित नहीं थे क्योंकि उन्हें फिल्म के फॉर्मेट और स्क्रीन टाइम को लेकर संदेह था। लेकिन जहां बाकी एक्टर्स हिचकिचा रहे थे, वहीं अक्षय खन्ना ने महज 24 घंटे में इस रोल के लिए हामी भरकर खेल पलट दिया।
कास्टिंग की प्रक्रिया के दौरान मुकेश छाबड़ा ने इस किरदार के लिए कई बड़े कलाकारों से संपर्क किया था। इनमें एक साउथ इंडस्ट्री का चर्चित नाम और दो बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर्स शामिल थे। हालांकि इन एक्टर्स ने इस रोल को करने से साफ इनकार कर दिया। वजह भी काफी दिलचस्प थी। उन्हें लगा कि यह फिल्म एक ‘एन्सेंबल कास्ट’ प्रोजेक्ट है, जहां किसी एक किरदार को पूरी तरह से चमकने का मौका नहीं मिलेगा। कई एक्टर्स ने यह भी कहा कि फिल्म का फोकस मुख्य रूप से रणवीर सिंह पर है इसलिए बाकी किरदारों का प्रभाव सीमित रह सकता है। यही सोच उनके फैसले की सबसे बड़ी वजह बनी।
जब बड़े-बड़े सितारे इस रोल को लेकर कंफ्यूजन में थे, तब मुकेश छाबड़ा ने अक्षय खन्ना से संपर्क किया। अक्षय खन्ना का काम करने का अंदाज हमेशा से अलग रहा है। उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी, किरदार की गहराई को समझा और बिना ज्यादा सोच-विचार के सिर्फ 24 घंटे के भीतर फिल्म के लिए ‘हां’ कर दी। जहां दूसरे कलाकार स्क्रीन टाइम और फिल्म की पोजिशनिंग को लेकर सोच रहे थे, वहीं अक्षय ने कहानी की ताकत और अपने किरदार के प्रभाव को प्राथमिकता दी। यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
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फिल्म धुरंधर में ‘रहमान डकैत’ का किरदार कोई साधारण विलेन नहीं था। यह एक ऐसा रोल था जिसमें क्रूरता, रणनीति और मनोवैज्ञानिक गहराई का अनोखा मिश्रण देखने को मिला। अक्षय खन्ना ने इस किरदार को इतनी बारीकी से निभाया कि दर्शकों के मन में उसका डर और प्रभाव लंबे समय तक बना रहा। उनकी डायलॉग डिलीवरी, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस ने इस किरदार को जीवंत बना दिया। यही वजह है कि फिल्म में रणवीर सिंह के लीड रोल के बावजूद अक्षय खन्ना का किरदार चर्चा का केंद्र बन गया।
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर यह धारणा होती है कि बड़ा रोल ही सफलता दिलाता है लेकिन ‘रहमान डकैत’ इसका उल्टा उदाहरण बन गया। यह किरदार भले ही पूरी फिल्म में लगातार नजर नहीं आता लेकिन जहां-जहां भी आता है, कहानी को नई दिशा दे जाता है। इससे यह साबित हुआ कि रोल की लंबाई नहीं, बल्कि उसकी गहराई और कलाकार की क्षमता मायने रखती है।
धुरंधर की कहानी कराची के ल्यारी इलाके में फैली गैंगवार, अपराध और सत्ता की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में कई बड़े भू-राजनीतिक घटनाओं की झलक भी दिखाई गई है, जैसे- आईसी-814 विमान अपहरण, 2001 संसद हमला और 26/11 मुंबई हमले। इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में खुफिया एजेंसियों के ऑपरेशन्स और गैंगवार की कहानी को जोड़ा गया है, जिससे फिल्म और भी ज्यादा रोमांचक बन जाती है।
फिल्म में रणवीर सिंह लीड रोल में नजर आए, जबकि उनके साथ कई दिग्गज कलाकार संजय दत्त, अर्जून रामपाल, आर. माधवन और राकेश बेदी ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं । फिल्म दो भागों में रिलीज हुई और दोनों पार्ट्स ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए।
मुकेश छाबड़ा ने इंटरव्यू में यह भी संकेत दिया कि जिन एक्टर्स ने इस रोल को ठुकराया था, वे अब जरूर अपने फैसले पर पछता रहे होंगे क्योंकि जिस किरदार को उन्होंने छोटा या कम महत्वपूर्ण समझा। वही आज फिल्म की सफलता का सबसे बड़ा कारण बन चुका है।