कोतमा में हुआ यह हादसा लापरवाही और कमजोर निर्माण व्यवस्था की गंभीर तस्वीर पेश करता है। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अग्रवाल लॉज अचानक धराशायी हो गई। तेज धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े और चीख-पुकार मच गई। लॉज में ठहरे यात्री और स्टाफ मलबे के नीचे दब गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पास में चल रही खुदाई और निर्माण कार्य ने इमारत की नींव को कमजोर कर दिया था, इसी वजह से इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई।
रविवार सुबह मलबे से एक महिला का शव निकाले जाने के बाद मृतकों की संख्या तीन हो गई। इससे पहले दो शव शनिवार को ही बरामद कर लिए गए थे। मृतकों में हनुमान दीन यादव और रामकृपाल यादव शामिल हैं। कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं।
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हादसे के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए लॉज मालिक और जमीन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 9-9 लाख रुपये और घायलों को ढाई ढाई लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, मंत्री और अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं।