
नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ मंदिर बनाने को लेकर देश के कई जगहों पर विरोध हो रहे हैं। अब ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में सोने का घोटाला हुआ है, उस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया जाता है? उन्होंने पूछा, वहां घोटाला करने के बाद अब दिल्ली में केदारनाथ का निर्माण कराया जाएगा फिर एक घोटाला होगा। उन्होंने कहा, केदारनाथ से 228 किलो सोना गायब के लिए कौन जिम्मेदार है।
अब यह कहा जा रहा है कि दिल्ली में केदारनाथ बनाएंगे, ऐसा नहीं हो सकता है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में केदारनाथ मंदिर बनाए जाने को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने पूछा था कि आखिर क्यों केदारनाथ धाम के नाम से राजधानी दिल्ली में मंदिर बनाने की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने इसे केदारनाथ धाम की गरिमा और महत्व को कम करने का प्रयास बताया था।
नरेंद्र मोदी हमारे दुश्मन नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा, वो मेरे पास आए और प्रणाण किया। हमारा जो नियम है, हमने उन्हें आशीर्वाद दिया। नरेंद्र मोदी हमारे दुश्मन थोड़े हैं। हम उनके हितैषी हैं, हमेशा उनका हित चाहते हैं। जब उनसे कोई गलती होती है, हम उसको लेकर बोलते हैं।
अनंत-राधिका की शादी में पीएम ने लिया था आशीर्वाद
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी के बाद शनिवार को आयोजित शुभ आशीर्वाद सेरेमनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र पहुंचे थे। वहां शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी मौजूद थे। पीएम मोदी अनंत राधिका को आशीर्वाद देने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पास गए और उनसे आशीर्वाद लिया था।
उद्धव ठाकरे विश्वासघात के शिकार
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से सोमवार को उद्धव ठाकरे ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) नेता विश्वासघात के शिकार हैं। उन्होंने ठाकरे के बांद्रा स्थित आवास मातोश्री में उनसे मुलाकात के बाद कहा कि उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात हुआ है। कई लोग इससे दुखी हैं। मैंने आज उनके अनुरोध पर उनसे मुलाकात की। मैंने उनसे कहा कि जब तक वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, लोगों का दर्द कम नहीं होगा।
जो विश्वासघात को सहन करता है, वह हिंदू है: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, उद्धव ने कहा कि वह हमारे आशीर्वाद के बाद जो भी करना होगा, करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वासघात सबसे बड़ा पाप है। जो विश्वासघात करता है, वह हिंदू नहीं हो सकता। जो विश्वासघात को सहन करता है, वह हिंदू है।
महाराष्ट्र की जनता विश्वासघात से दुखी: उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता विश्वासघात से दुखी है और यह लोस चुनावों में भी दिखाई दिया। हमारा राजनीति से लेना-देना नहीं है, लेकिन हम विश्वासघात की बात कर रहे हैं।