
बड़वानी। छात्रावास और स्कूल में अव्यवस्थाओं से परेशान 200 बच्चे पैदल ही अपने गांव से बड़वानी के लिए चल दिए। ये बच्चे जब अपने गांव से 12 किमी तक चलकर आ गए, तब जानकारी प्रशासन और पुलिस को लगी। इसके बाद आनन-फानन में एसडीएम प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों को रोककर समझाया। अजराड़ा गांव के पास एसडीएम शक्ति सिंह चौहान, तहसीलदार भूपेंद्र भिड़े, बीईओ राजश्री पंवार, संस्था प्राचार्य एमएम खान, थाना प्रभारी रोहित पाटीदार ने छात्र-छात्राओं की समस्याओं को सुना और कार्रवाई का आश्वासन देकर वापस भेजा।
खाना ठीक नहीं, शराबी चपरासी, शिक्षक करते हैं परेशान
विकासखंड पाटी के ग्राम बुदि पटेल फलिया में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल में होने वाली अव्यवस्थाओं से विद्यार्थी इतना परेशान हो गए कि आखिरकार उन्होंने कलेक्टर से मिलकर सीधे उन्हें ही शिकायत करने का मन बना लिया। वे अपने गांव से 22 किलोमीटर दूर बड़वानी जाने के लिए पैदल ही निकल गए। बच्चों ने प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्चों का कहना है कि स्कूल में पदस्थ चपरासी उनके साथ शराब पीकर अभद्रता करते हैं।
बच्चों की मांग है कि पूरा स्टाफ ही चेंज किया जाए। छात्रा चंचल का कहना है कि उनके हॉस्टल में तो वार्डन ही नहीं है। कई बार प्रिंसिपल को शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। बच्चों ने टीचर्स पर जाति सूचक शब्दों का उपयोग करने और खाने की गुणवत्ता बेहद खराब होने की भी शिकायत अफसरों को की। अब स्टूडेंट्स की यही मांग है कि स्कूल और हॉस्टल का पूरा स्टाफ बदला जाए।
#बड़वानी : #कलेक्टर से मिलने के लिए 12 KM पैदल चले 200 स्टूडेंट्स: हॉस्टल में खराब भोजन, स्कॉलरशिप न मिलने, स्टाफ की शिकायत करने क्लास छोड़कर आए बच्चे, रास्ते में एसडीएम, बीईओ और टीआई ने समझाया तब जाकर माने, देखें #VIDEO #Badwani #StudentsProtest @CollectrBarwani #MPNews… pic.twitter.com/ADX2bi7QpZ
— Peoples Samachar (@psamachar1) February 12, 2024
स्कॉलरशिप भी अटकी, शिकायत करने पर देते हैं धमकी
एक अन्य छात्र का कहना है कि उन्हें स्कॉलरशिप भी नहीं दी जा रही है। इसके साथ ही किसी भी बात की शिकायत करने पर स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन टीसी देकर बाहर निकालने की धमकी देता है। हॉस्टल में भी साफ-सफाई तक नहीं होती और शिकायत करने पर बच्चों से ही सफाई कराई जाती है। ये बच्चे सुबह 7.00 बजे ही अपने हॉस्टल से बड़वानी के लिए निकल गए थे और दिन में लगभग 1 बजे तक अजराड़ा पहुंच गए थे। बाद में एसडीएम ने छात्र छात्राओं को वाहनों में बैठाकर वापस हॉस्टल छोड़ा।
एसडीएम ने स्टूडेंट्स को आश्वासन दिया है कि 7 दिनों के भीतर सभी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम चौहान ने तहसीलदार और बीईओ को निर्देश दिए कि वे हॉस्टल जाकर बच्चों के बयान भी लें।
ये भी पढ़ें- रीवा : बैंक का इंटरव्यू देने गई महिला को बदमाशों ने बनाया बंधक, मारपीट की और कार लेकर हुए फरार
One Comment