Struggle To Success : एसपी की पाठशाला के 19 छात्र थल सेना में पहुंचे, सब्जी बेचने वाले और वेटर बने बच्चे करेंगे देश सेवा

सिद्धार्थ तिवारी, जबलपुर। सब्जी का ठेला लगाना, होटल में वेटर का काम करना और चाबियों और लॉकेट में कार्टून बनाकर अपना जीवन यापन करने के बाद यह उम्मीद किसी को नहीं थी कि ये बच्चे अपना भविष्य खुद लिखेंगे। इसमें अहम भूमिका निभाई पुलिस लाइन में चलने वाली एसपी की पाठशाला ने। जिसमें ज्ञान अर्जित कर बच्चों ने बाजी मारी और 19 बच्चे भारतीय थल सेना में सिलेक्ट हुए। बच्चों की इस कामयाबी पर उनके परिजन और उन पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को भी गर्व है जिन्होंने उन्हें शिक्षा दी।
थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों की शिक्षा
पुलिस लाइन में एसपी की पाठशाला में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। उसमें पुलिस परिवार के अलावा जो बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर हैं या वे जिन्हें अच्छा मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है, वे सभी शामिल हो सकते हैं। बच्चों को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों की शिक्षा दी जाती है। जिसमें अध्यनन कर सैकड़ों बच्चों ने अपने भविष्य का निर्माण किया है और शासकीय सेवक बनकर अपना और अपने शहर का नाम रोशन कर रहे हैं।
सवालों को हल करने की ट्रिक है अहम
आरक्षक सतीश डेहरिया ने बताया कि 10 अधिकारी, कर्मचारी बच्चों को पढ़ाते हैं, इस पढ़ाई में सबसे महत्वपूर्ण यह होता है कि बच्चे सवालों को किस तरह जल्द से जल्द हल कर लें। इसके लिए सवालों को हल करने की ट्रिक बताई जाती है। साथ ही उस ट्रिक से सवाल को हल करने का लगातार प्रयास कराया जाता है, इस ट्रिक से बच्चे कठिन सवालों को भी मिनटों में हल कर लेते हैं।
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ये हुए हैं भारतीय थल सेना में सिलेक्ट
जितेन्द्र पाल, साहिल सेन, निकेश ठाकरे, निखिल त्रिपाठी, राहुल जायसवाल, रोहित लोधी, सौरभ कुशवाहा, आशु उपाध्याय, विजय यादव, अखिलेश लोधी, साहिल काछी, राजा यादव, धीरेन्द्र साहू, सत्यम पटेल, रवि चौधरी, राहल सिंह बघेल, समर्थ सिंह चौहान, सारिका जैन और पंकज पटेल का भारतीय थल सेना की फाइनल परीक्षा में सिलेक्शन हुआ है।
ये देते हैं शिक्षा
सूबेदार योगेश चौकसे, प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र पटेल, आरक्षक सतीश डेहरिया, आरक्षक उपेन्द्र गौतम, आरक्षक रमन पटेल, आरक्षक जयप्रकाश, आरक्षक राहुल ठाकुर, आरक्षक नीतेश श्रीवास, महिला आरक्षक दीक्षा सिंह और आरक्षक सुशांत पटेल बच्चों को पढ़ाते हैं, इसके अलावा कई ऐसे भी शिक्षक हैं, जो विभिन्न विभागों में है और समय निकालकर बच्चों को शिक्षा देते हैं।
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इन विषयों को पढ़ाया जाता है
मैथ्स, रीजनिंग, हिन्दी, संविधान, विज्ञान, अर्थशास्त्र, सामान्य अंग्रेजी, इतिहास, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान के अलावा फिजिकल ट्रेनिंग भी ग्राउंड में दी जाती है।
पांच माह में प्रतियोगी परीक्षाओं में 93 सिलेक्ट
जनवरी से मई माह तक प्रतियोगी परीक्षाओं में एसपी की पाठशाला में अध्यनन कर रहे 93 बच्चों को सिलेक्शन हुआ है। इसमें बच्चे आरक्षक, बैंक पीओ समेत अन्य शासकीय विभागों में सिलेक्ट हुए हैं।
बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने की कोशिश
जरूरतमंद परिवार के जो बच्चे हैं, उनको पुलिस लाइन में पढ़ाया जाता है और ग्राउंड में भी फिजिकल ट्रेनिंग दी जाती है। हमारा पूरा प्रयास रहता है कि बच्चे अच्छे नागरिक बनें,अच्छी सेवाएं दें।
संपत उपाध्याय, एसपी, जबलपुर












