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High Court News : अब सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी 15 साल पुरानी बसें, सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर

मप्र में 15 साल पुरानी बसों को हटाने के मप्र सरकार के फैसले पर मप्र हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी है। हाईकोर्ट ने बस ऑपरेटरों की 10 याचिकाएं भी खारिज कर दी।
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अब सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी 15 साल पुरानी बसें, सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। सड़कों से 15 साल पुरानी कमर्शियल बसों को बाहर करने के संबंध में मप्र सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी है। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने सरकार के 14 नवंबर 2025 को दिए फैसले को चुनौती देने वाली बस ऑपरेटरों की 10 याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस फैसले के बाद अब प्रदेश में 15 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों पर कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। 

    संशोधनों को पहले ही वैध ठहराया जा चुका

    ये 10 याचिकाएं भोपाल के बस ऑपरेटर विकास भार्गव और अन्य की ओर से दाखिल की गई थीं। याचिकाकर्ता बस ऑपरेटरों ने 14 नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें परिवहन प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए थे कि 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मामलों में 27 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब नियमों और संशोधनों को पहले ही वैध ठहराया जा चुका है, तो उनके आधार पर जारी आदेश को गलत नहीं ठहराया जा सकता। राज्य सरकार को स्टेट कैरिज परमिट देने और वाहनों के संचालन के संबंध में नीतिगत निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। इस मत के साथ अदालत ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। 

    याचिकाकर्ताओं का तर्क

    याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनके पास वैध स्टेज कैरिज परमिट हैं, जो समय-समय पर रिन्यू होते रहे हैं। साथ ही उनके वाहनों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट और टैक्स जमा भी नियमित है। उनका दावा था कि 15 साल की उम्र सीमा केवल नए परमिट पर लागू होगी, पुराने वाहनों पर नहीं।

    सरकार का पक्ष

    राज्य सरकार की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल स्वप्निल गांगुली ने कोर्ट को बताया कि 27 दिसंबर 2022 के संशोधन को पहले ही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में चुनौती दी जा चुकी है। 12 मार्च 2026 को डिवीजन बेंच ने इस संशोधन की वैधता को बरकरार रखा था। ऐसे में वर्तमान आदेश उसी का परिणाम है और इसे अलग से चुनौती नहीं दी जा सकती।

    मप्र में 15 साल से ज्यादा पुरानी 839 बसें 

    परिवहन विभाग ने पूर्व में सभी आरटीओ को सड़क पर चल रही 15 साल पुरानी 839 बसों को सड़क से हटाने के निर्देश जारी किए थे। अधिकारियों ने आदेश के पालन में ऐसी बसों के परमिट, फिटनेस और रिन्युअल पर रोक लगा दी और बस संचालको को बसों को हटाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन बसें बिना परमिट और फिटनेस के चल रही हैं।

    पुरानी बसें चलाईं तो फाइन लगेगा

    800 से अधिक 15 साल पुरानी बसों के परमिट, फिटनेस, रिन्युअल रोक दिए गए हैं। अगर इसके बाद भी बस ऑपरेटर बसें चलाते हैं, तो अर्थदंड लगाया जाएगा।

    किरन शर्मा, उप परिवहन आयुक्त (शिकायत) मप्र

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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