इन दिनों फिल्मों के नाम और उनकी कहानियों को लेकर देश में लगातार विवाद देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में घूसखोर पंडित को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग संगठनों ने आपत्ति जताई थी। मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब एक और फिल्म विवादों में घिर गई है। इस बार विरोध का केंद्र बनी है नई फिल्म यादव जी की लव स्टोरी।
यह फिल्म एक रोमांटिक-एक्शन ड्रामा बताई जा रही है, लेकिन इसके नाम और कहानी को लेकर उत्तर प्रदेश में विरोध शुरू हो गया है। खासतौर पर संभल जिले में यादव समाज के लोगों ने फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
संभल में यादव समुदाय के लोगों ने फिल्म के पोस्टर और नाम पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि फिल्म का शीर्षक उनकी जाति विशेष को गलत तरीके से दिखाता है। प्रदर्शनकारियों ने निर्माताओं, निर्देशक और मुख्य कलाकारों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
बताया जा रहा है कि फिल्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद विवाद और भी बढ़ गया है। कुछ लोगों का आरोप है कि फिल्म की कहानी से “लव जिहाद” जैसे मुद्दों को बढ़ावा दिया जा सकता है। हालांकि फिल्म से जुड़े लोगों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिल्म की कहानी एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है। मुख्य किरदार सिंपल यादव (प्रगति तिवारी) एक साधारण और शांत स्वभाव की लड़की है। वह वसीम अख्तर (विशाल मोहन) नाम के युवक से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है।
लेकिन दोनों अलग-अलग धर्म से हैं। यही बात उनके रिश्ते के बीच सबसे बड़ी रुकावट बन जाती है। दूसरी ओर, सिंपल का परिवार उसकी शादी अभिमन्यु यादव (अंकित भड़ाना) से करवाना चाहता है। परिवार वालों का मानना है कि समाज और परंपरा के अनुसार ही शादी होनी चाहिए।
कहानी में आगे लड़की पर परिवार का दबाव, समाज की बातें, राजनीति का दखल और भावनात्मक उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। फिल्म में यह दिखाया गया है कि कैसे एक लड़की अपने प्यार और परिवार के बीच उलझ जाती है। कहानी में दिल टूटने, सामाजिक दबाव और रिश्तों की जटिलता को भी दिखाया गया है।
फिल्म का निर्देशन अंकित बड़ाना ने किया है, जबकि इसके निर्माता संदीप तोमर हैं। मुख्य भूमिका में प्रगति तिवारी नजर आएंगी। उनके साथ विशाल मोहन, अंकित बड़ाना, सुविंदर विक्की और रजत तनवर भी अहम किरदार निभा रहे हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि फिल्म में एक भी प्रमुख यादव कलाकार को शामिल नहीं किया गया है, जबकि फिल्म का नाम सीधे यादव समाज से जुड़ा है। इसी बात को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है।
फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। लेकिन बढ़ते विरोध को देखते हुए अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या फिल्म तय तारीख पर रिलीज हो पाएगी या नहीं।
पिछले कुछ समय से फिल्मों के नाम और विषय को लेकर अलग-अलग समुदायों की भावनाएं आहत होने के मामले सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया के दौर में किसी भी फिल्म का ट्रेलर या पोस्टर आते ही बहस शुरू हो जाती है।
अब देखना होगा कि ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के मामले में आगे क्या फैसला होता है। क्या फिल्म रिलीज से पहले बदलाव किए जाएंगे या फिर विवाद के बीच ही इसे रिलीज किया जाएगा? आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा।