Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सुप्रीम कोर्ट में अनिल अंबानी का हलफनामा, कहा- ‘बिना इजाजत देश नहीं छोड़ूंगा'

करीब 40,000 करोड़ रुपए की बैंकिंग एवं कॉरपोरेट धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में बयान दिया कि वे बिना इजाजत देश छोड़कर नहीं जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में अनिल अंबानी का हलफनामा, कहा- ‘बिना इजाजत देश नहीं छोड़ूंगा'
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में एक अहम हलफनामा दाखिल करते हुए स्पष्ट किया है कि वे बिना पूर्व अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। यह मामला उनके समूह अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) से जुड़े कथित 40,000 करोड़ रुपए के बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी आरोपों से संबंधित है। शीर्ष अदालत में दिए गए बयान में अंबानी ने साफ कहा कि उनका देश छोड़ने का कोई इरादा नहीं है और न ही वे किसी कानूनी प्रक्रिया से बचना चाहते हैं।

    देश से बाहर जाने का नहीं है इरादा 

    अपने हलफनामे में अंबानी ने शपथपूर्वक कहा कि जुलाई 2025 से शुरू हुई मौजूदा जांच के बाद से उन्होंने भारत नहीं छोड़ा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भविष्य में भी फिलहाल उनका विदेश जाने का कोई इरादा नहीं है। यह बयान उन आशंकाओं के बीच आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वे जांच से बचने के लिए देश छोड़ सकते हैं।

    विदेश यात्रा से पहले अदालत की अनुमति अनिवार्य

     अंबानी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि यदि किसी आवश्यक कारण से उन्हें विदेश जाना पड़ा, तो वे पहले अदालत से अनुमति प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से सहयोग कर रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। यह हलफनामा पूर्व नौकरशाह ई. एएस सरमा की उस याचिका के जवाब में दाखिल किया गया, जिसमें कथित घोटाले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की गई थी।

    ईडी के समक्ष पेश होने का वादा 

    हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 26 फरवरी 2026 को पेश होने के लिए तलब किया है। अंबानी ने इस तारीख को उपस्थित होकर जांच में शामिल होने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि उनका यह कदम उनके सहयोगात्मक रवैये और पारदर्शिता को दर्शाता है।

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और एजेंसियों की भूमिका

    इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीर रुख अपनाया है। चार फरवरी को अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और ED को जांच में किसी भी प्रकार की देरी न करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। यह आशंका जताई गई थी कि अंबानी देश छोड़ सकते हैं, जिसके बाद उनके वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को आश्वस्त किया कि उनके मुवक्किल बिना अनुमति विदेश नहीं जाएंगे।

    पारदर्शिता पर जोर 

    अंबानी ने अपने हलफनामे में दोहराया कि वे जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और पूरी तरह से कानून का पालन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखना और सभी सवालों का जवाब देना है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

    Latest Posts