PlayBreaking News

घर या ऑफिस में हो रहा उत्पीड़न!महिलाओं को कितनी सुरक्षा देता है भारत?

महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर देशभर में कई जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के मौके पर आइए जानते है भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए सशक्त कानून।
Follow on Google News
महिलाओं को कितनी सुरक्षा देता है भारत?
Ai Generated
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित होता है।

    भारत में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई कानून बनाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर और सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं। इन कानूनों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा देना और उन्हें न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज करना है।

    महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार

    भारत में महिलाओं को कई ऐसे कानूनी अधिकार दिए गए हैं जो उन्हें अपराध के खिलाफ आवाज उठाने और न्याय पाने में मदद करते हैं- 

    जीरो FIR का अधिकार- अगर किसी महिला के साथ अपराध होता है तो वह किसी भी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करा सकती है, भले ही घटना उस इलाके में न हुई हो। इसे जीरो FIR कहा जाता है। इसके बाद पुलिस मामला संबंधित क्षेत्र के थाने में भेज देती है।

    ई-FIR की सुविधा- नए कानूनों के तहत अब महिलाएं ऑनलाइन भी FIR दर्ज करा सकती हैं। यानी अगर किसी महिला को पुलिस स्टेशन जाने में परेशानी हो, तो वह घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती है। इससे न्याय तक पहुंच और आसान हो गई है।

    गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय- महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराध, जैसे बलात्कार के मामलों में अब जांच और न्याय की प्रक्रिया को तेज किया गया है। कानून के अनुसार ऐसे मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना और लगभग 45 दिनों के भीतर फैसला सुनाना अनिवार्य माना गया है। 

    धोखे से शोषण करने पर सख्त सजा- अगर कोई व्यक्ति शादी या नौकरी का झूठा वादा करके किसी महिला का शोषण करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत ऐसे अपराध के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

    पीछा करना और घूरना भी अपराध- किसी महिला का बार-बार पीछा करना या उसे असहज तरीके से घूरना भी कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में पहली बार दोषी पाए जाने पर 1 से 3 साल तक की सजा हो सकती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित महसूस कराना है।

    कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा

    महिलाएं आज हर क्षेत्र में काम कर रही हैं। इसलिए कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

    POSH एक्ट 2013

     POSH (Prevention of Sexual Harassment) Act 2013 कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देता है। इस कानून के तहत हर संस्था में एक आंतरिक शिकायत समिति बनाना जरूरी होता है, जहां महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

    समान वेतन का अधिकार

    भारतीय कानून के अनुसार महिलाओं को समान काम के लिए पुरुषों के बराबर वेतन मिलना चाहिए। अगर किसी महिला को समान कार्य के बावजूद कम वेतन दिया जाता है तो वह इसके खिलाफ शिकायत कर सकती है।

    घरेलू हिंसा से सुरक्षा

     घरेलू हिंसा अधिनियम 2005

    कई बार महिलाओं को अपने ही घर में शारीरिक, मानसिक या आर्थिक हिंसा का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 महिलाओं को कानूनी सुरक्षा देता है। इस कानून के तहत महिला अपने पति या उसके रिश्तेदारों के खिलाफ शिकायत कर सकती है और अदालत से सुरक्षा आदेश प्राप्त कर सकती है।

    महिलाओं की सुरक्षा के लिए तकनीकी मदद

    आज तकनीक भी महिलाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जैसे सुरक्षा मोबाइल ऐप। कई राज्यों ने महिलाओं की मदद के लिए विशेष मोबाइल ऐप बनाए हैं। उदाहरण के तौर पर राजकॉप सिटीजन ऐप में Need Help फीचर दिया गया है। किसी भी खतरे की स्थिति में महिला इस फीचर का उपयोग करके तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकती है।

    मिशन शक्ति अभियान

    महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई राज्यों में मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, कानूनी जानकारी और सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता दी जाती है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts