जॉर्जिया में महिलाओं को ह्यूमन एग फार्म में बनाया गया गुलाम, इंटरपोल ने तीन थाई महिलाओं को बचाया

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जॉर्जिया में महिलाओं को ह्यूमन एग फार्म में बनाया गया गुलाम, इंटरपोल ने तीन थाई महिलाओं को बचाया
जॉर्जिया। पूर्वी यूरोप के देश जॉर्जिया में मानव तस्करी और अवैध अंग व्यापार का एक भयावह मामला सामने आया है, जहां सैकड़ों महिलाओं को एक ‘ह्यूमन एग फार्म’ में गुलाम बनाकर रखा गया। इन महिलाओं को जबरन हार्मोन इंजेक्शन दिए जाते थे और उन्हें हर महीने अंडाणु (Eggs) निकालने के लिए मजबूर किया जाता था। इस भयावह मामले का खुलासा तब हुआ जब इंटरपोल और थाई अधिकारियों की मदद से तीन थाई महिलाओं को 30 जनवरी को आजाद कराया गया। इन महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे छह महीने तक इस एग माफिया के चंगुल में फंसी रहीं।

फेसबुक पर झांसा देकर जॉर्जिया लाया गया

इन महिलाओं ने बताया कि उन्हें फेसबुक पर एक नौकरी का लालच दिया गया था। विज्ञापन में कहा गया था कि अगर वे सरोगेसी (किराए की कोख) का काम करती हैं, तो उन्हें 11,500 से 17,000 यूरो (लगभग 9.6 लाख से 14.1 लाख रुपए) तक की सैलरी मिलेगी। इसी लालच में आकर अगस्त 2024 में 10 अन्य थाई महिलाओं के साथ तीनों महिलाएं जॉर्जिया पहुंचीं। उनका यात्रा खर्च और पासपोर्ट आवेदन का खर्च एक महिला कर्मचारी द्वारा वहन किया गया, जो इस गैंग के लिए काम करती थी। लेकिन जब वे जॉर्जिया पहुंचीं, तो उन्हें चार बड़े घरों में कैद कर दिया गया, जहां पहले से ही 100 से ज्यादा महिलाएं मौजूद थीं। तभी उन्हें एहसास हुआ कि यह नौकरी सिर्फ एक बहाना था और वे एक संगठित अपराध गिरोह के चंगुल में फंस चुकी हैं।

हर महीने जबरन निकाले जाते थे अंडाणु

महिलाओं ने बताया कि उन्हें जबरदस्ती हार्मोन इंजेक्शन दिए जाते थे, ताकि उनके अंडाशय अधिक अंडाणु उत्पन्न कर सकें। इसके बाद हर महीने उनके अंडाणु निकाले जाते और ब्लैक मार्केट में बेचे जाते। इस गिरोह का शिकार हुई एक महिला ने बताया, "हमारे साथ पशुओं जैसा व्यवहार किया गया। कुछ महिलाओं को तो उनके अंडाणुओं के बदले कोई पैसा भी नहीं दिया गया।"

रिहाई के लिए 2000 यूरो की मांग

अगर कोई महिला वहां से भागने की कोशिश करती या छोड़ने की बात करती, तो उनसे 2000 यूरो (करीब 1.67 लाख रुपए) की फिरौती मांगी जाती थी। एक महिला जो पहले इस अंडा फार्म में गुलाम थी, उसने किसी तरह पैसे जुटाकर अपनी रिहाई करवाई। इसके बाद उसने थाईलैंड में पावना फाउंडेशन की प्रमुख पावना होंगसकुला को इस अपराध की जानकारी दी। महिला ने पावना फाउंडेशन को बताया कि अभी भी कई अन्य थाई महिलाएं इस फार्म में कैद हैं क्योंकि वे अपनी रिहाई के लिए पैसे नहीं जुटा पा रही हैं।

ब्लैक मार्केट में बेचे जाते थे अंडाणु

पावना फाउंडेशन की प्रमुख पावना होंगसकुला ने बताया कि इन महिलाओं से लिए गए अंडाणु अन्य देशों में आईवीएफ (In-Vitro Fertilisation) के लिए बेचे जाते थे। यह एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का हिस्सा था, जिसमें चीनी अपराधियों के नेतृत्व वाले गिरोह शामिल थे।

इंटरपोल ने चुकाई फिरौती, तीन महिलाओं को बचाया

पावना फाउंडेशन ने इंटरपोल के साथ मिलकर तीन थाई महिलाओं को छुड़ाने के लिए फिरौती की रकम अदा की और उन्हें 30 जनवरी को मुक्त कराया गया। लेकिन अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी महिलाएं अब भी इस ह्यूमन एग फार्म में कैद हैं।

इंटरपोल और थाईलैंड की पुलिस ने शुरू की जांच

थाईलैंड की पुलिस ने कहा कि वे इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी महिलाओं को बचाया जा सकता है। इंटरपोल और जॉर्जिया की पुलिस इस अपराध नेटवर्क के पीछे के मुख्य आरोपियों की तलाश कर रही है। ये भी पढ़ें- गाजा को खरीदने और विकसित करने के लिए ट्रंप प्रतिबद्ध, फिर दिया बड़ा बयान, फिलिस्तीन ने इसे औपनिवेशिक मानसिकता करार दिया
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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