अमेरिका में टेस्ला की इलेक्ट्रिक पिकअप साइबरट्रक से जुड़े एक हादसे ने कंपनी के सेल्फ ड्राइविंग फीचर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ह्यूस्टन में हुई इस घटना के बाद एक महिला ने टेस्ला के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि कार का “फुली सेल्फ ड्राइविंग” सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। घटना के वक्त महिला के साथ उनका एक साल का बच्चा भी कार में मौजूद था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना अगस्त 2025 की है जिसका वीडियो अब सामने आया है।
डैशकैम फुटेज में दिखता है कि साइबरट्रक एक Y-शेप ओवरपास पर पहुंचती है, जहां उसे दाईं ओर मुड़ना था। लेकिन कार बिना मुड़े सीधे आगे बढ़ती चली गई और बैरियर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के कुछ हिस्से हवा में उछल गए और कार पुल से गिरते-गिरते बची।
महिला के वकील का कहना है कि हादसे से ठीक पहले महिला ने कार का कंट्रोल खुद लेने की कोशिश की थी लेकिन वाहन की गति अधिक होने के कारण वह कुछ कर नहीं सकी। महिला का आरोप है कि कार ने बिना किसी चेतावनी के गलत दिशा में मूव किया, जिससे यह खतरनाक स्थिति बनी।
पीड़ित महिला ने टेस्ला पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने अपने सेल्फ ड्राइविंग फीचर को लेकर भ्रामक जानकारी दी है। केस में कहा गया है कि ऑटोपायलट और फुली सेल्फ ड्राइविंग सिस्टम के डिजाइन में खामियां हैं और इन्हें सुरक्षित बताकर ग्राहकों को गुमराह किया गया। महिला ने इस मामले में 10 लाख अमेरिकी डॉलर के मुआवजे की मांग की है। इस हादसे में महिला को कंधे, गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें लगी हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि कार में पीछे सीट पर मौजूद उनका एक साल का बच्चा पूरी तरह सुरक्षित रहा और उसे कोई चोट नहीं आई।
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टेस्ला का फुली सेल्फ ड्राइविंग फीचर अक्सर चर्चा में रहता है और कंपनी के प्रमुख एलॉन मस्क इसे भविष्य की तकनीक बताते रहे हैं। लेकिन इस घटना के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या यह तकनीक वाकई पूरी तरह भरोसेमंद है या अभी भी इसमें सुधार की जरूरत है।