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द्वारकापुरी हत्याकांड- 10 जनवरी को पिता ने युवती से की थी बात, कसम खाकर बोली थी “अंकल, पीयूष को मंदसौर मत बुलाइए”

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द्वारकापुरी हत्याकांड-  10 जनवरी को पिता ने युवती से की थी बात, कसम खाकर बोली थी  “अंकल, पीयूष को मंदसौर मत बुलाइए”
आरोपी पीयूष उसकी प्रेमिका के साथ
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर — द्वारकापुरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का आरोपी पीयूष धामनोदिया भले ही जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका हो, लेकिन इस घटना ने उसके परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। आरोपी के पिता बंकटलाल धामनोदिया और उनकी पत्नी गहरे सदमे में हैं। घटना को लेकर जब ने पिता से फोन पर चर्चा की गई तो उनकी दबी और सहमी आवाज में कई ऐसे खुलासे सामने आए, जिनसे पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि साफ होती नजर आई। पिता ने बताया कि पीयूष का जन्म रतलाम जिले के पास स्थित बाजना गांव में हुआ, जहां उनका ससुराल है। इसके बाद पीयूष की पूरी पढ़ाई मंदसौर में ही हुई। पिछले वर्ष उसने आगे की पढ़ाई के लिए इंदौर जाने की जिद की थी। पिता ने उसे समझाया था कि इंदौर के आसपास किसी संस्थान में एडमिशन ले ले, जिससे ग्रामीण छात्रों को मिलने वाली सब्सिडी का लाभ मिल सके। आखिरकार अगस्त 2025 के अंतिम सप्ताह में उसे आईपीएस एकेडमी में प्रवेश दिलाया गया।

    तीसरा कमरा द्वारकापुरी में लिया था 

    सितंबर 2025 के बीच पीयूष अपने पिता के साथ इंदौर आया और अरविंदो क्षेत्र के पास किराये के कमरे में रहने लगा, जहां उसके साथ एक अन्य युवक रूम पार्टनर के रूप में रहता था। उसी महीने उसने पिता को फोन कर बताया कि वह कमरा बदलना चाहता है, क्योंकि उसका पार्टनर हुक्का पीता था और नशा भी करता था। पिता ने उसे विवाद से दूर रहने और दूसरा कमरा तलाशने की सलाह दी। हालांकि पीयूष एडवांस राशि दे चुका था, इसलिए पिता ने उसके दोस्त से बात कर आधी रकम वापस दिलवाने की व्यवस्था करवाई। इसके बाद पीयूष ने एक अन्य स्थान पर पेइंग गेस्ट के रूप में कमरा लिया, लेकिन उसने द्वारकापुरी में कब और कैसे मकान किराये पर लिया, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी। पिता के अनुसार, मकान मालिक से भी उसने किसी अन्य व्यक्ति से बात करवा कर कमरा किराये पर लिया था।


    युवती ने जनवरी में की थी पीयूष के पिता से बात 

    पिता ने 8, 9 और 10 जनवरी की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि जनवरी में जब पीयूष मंदसौर आया तो उसके मोबाइल में एक युवती के साथ तस्वीरें देखी गईं, जिनमें दोनों एक-दूसरे के साथ करीब नजर आ रहे थे। पूछने पर पीयूष ने पहले युवती को सिर्फ दोस्त बताया, लेकिन बाद में डरते हुए स्वीकार किया कि वह उसे पसंद करता है। इस पर पिता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह इंदौर पढ़ाई के लिए गया है या किसी और वजह से। इसके बाद पीयूष इंदौर लौटा और युवती को परिवार से हुई बातचीत के बारे में बताया। बाद में उसने अपने मोबाइल से पिता की युवती से फोन पर बात करवाई। पिता ने दोनों को समझाया कि पहले पढ़ाई पूरी करें और जीवन में कुछ बन जाएं, शादी का निर्णय परिवार समय आने पर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों अलग समाज से हैं, इसलिए जल्दबाजी ठीक नहीं होगी।

    “अंकल, आपकी कसम, हम दोनों सिर्फ पढ़ाई में ध्यान लगाएंगे

    पिता को डर था कि कहीं दोनों भावनाओं में बहकर कोई गलत कदम न उठा लें, इसलिए उन्होंने युवती से कहा कि जरूरत पड़े तो वे पीयूष को वापस मंदसौर बुला लेंगे। इस पर युवती ने मना करते हुए कहा कि वे दोनों पढ़ाई पूरी होने के बाद ही भविष्य के बारे में सोचेंगे। पिता के अनुसार, युवती ने उनकी कसम खाकर कहा था — “अंकल, आपकी कसम, हम दोनों सिर्फ पढ़ाई में ध्यान लगाएंगे, पीयूष को मंदसौर मत बुलाइए।” पिता ने यह भी बताया कि पीयूष उनसे डरता था और इंदौर में खर्च के पैसे अधिकतर अपनी मां से मांगता था, जबकि वे हर महीने करीब आठ हजार रुपये भेजते थे।

    इकलौता बेटा निकला दरिंदा — पिता बोले, यह कलंक कभी नहीं मिटेगा

    घटना के बाद परिवार की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। पिता ने भावुक होकर कहा कि उनका इकलौता बेटा ही दरिंदा निकल गया। घर में दो बेटियां हैं और बेटे की करतूत के बाद उसकी मां की हालत पूरी तरह बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि परिवार जिस मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। पिता ने शर्म और दर्द के साथ कहा कि समय के साथ शायद स्याही का दाग मिट जाए, लेकिन यह कलंक कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने टूटे मन से कहा कि अब उनका पीयूष से कोई संबंध नहीं है और रोते हुए फोन काट दिया।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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