MP Politics :कौन हैं वे 3 मंत्री जिन्हें बर्खास्त करने की मांग कांग्रेस ने की... बजट सत्र में भी विपक्ष नहीं सुनेगा इनकी बात

मप्र के बजट सत्र में कांग्रेस प्रदेश के तीन मंत्रियों को घेरने की कोशिश करेगी। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी ने रणनीति बनाई है कि तीन मंत्रियों की बात सुनी जाए और उन्हें बोलने दिया जाए। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तीनों मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
Follow on Google News
कौन हैं वे 3 मंत्री जिन्हें बर्खास्त करने की मांग कांग्रेस ने की... बजट सत्र में भी विपक्ष नहीं सुनेगा इनकी बात
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। पटवारी ने मुख्यमंत्री से तीन मंत्रियों विजय शाह, राजेंद्र शुक्ल और कैलाश विजयवर्गीय को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने इसके पीछे वजह भी बताई हैं। पटवारी ने लिखा कि आपके नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकलाप जनभावनाओं के विपरीत प्रतीत हो रहे हैं, जिससे अराजकता, अहंकार और अधिनायकवादी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है।

    बढ़ते कर्ज से जूझ रहा प्रदेश

    पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि राज्य का बजट सत्र 16 फरवरी से आरंभ हो रहा है, जिसमें माननीय राज्यपाल महोदय का अभिभाषण भी प्रस्तावित है। प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, जिससे आपकी सरकार आंखें मूंदती हुई दिखाई दे रही है। इसी संदर्भ में एक गंभीर एवं जनभावनाओं से जुड़ा विषय आपके संज्ञान में लाना आवश्यक है। आपकी सरकार के बजट सत्र में ऐसे मंत्री उपस्थित रहेंगे, जिनकी मंत्रिमंडल में उपस्थित अब उपयोगिता से जुड़े उत्तर मांग रही है। 

    तीन मंत्री और प्रदेश के तीन मुद्दे

    पटवारी ने कहा कि मंत्री विजयय शाह पर  देश की बेटी एवं भारतीय सेना के अपमान के गंभीर आरोप हैं।  वहीं छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप से दर्जनों मासूम बच्चों की मृत्यु हुई। स्वास्थ्य विभाग मंत्री राजेंद्र शुक्ल के पास है। एक मंत्री जो अपने क्षेत्र की जनता को स्वच्छ पेयजल तक उपलब्ध कराने में असफल रहे, वे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हैं।  पटवारी ने लिखा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि सेना के अपमान, मासूमों की मौत और प्रशासनिक विफलताओं के बावजूद ऐसे मंत्री आज भी पद पर बने हुए हैं। इससे सरकार की नैतिकता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।

    राज्यपाल के अभिभाषण के पहले एक्शन लें

    यह समय आपकी नैतिक प्रतिबद्धता, उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता की भी परीक्षा है। आपसे अपेक्षा है कि बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व इन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर जनभावनाओं का सम्मान करें। अन्यथा यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि आपकी सरकार झूठ, अनैतिकता तथा देश की बेटियों और भारतीय सेना के अपमान का मौन समर्थन करती है।

    सदन में भी हो सकता है हंगामा

    मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई नहीं होने और इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों को लेकर कांग्रेस विभागीय मंत्री को घेर सकती है। इसके अलावा छिंदवाड़ा सिरप मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री पर फिर सवाल उठाए जा सकते हैं। बजट सत्र के लिए इन मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष तैयारी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि मप्र सरकार का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और 18 फरवरी को वर्श 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts