नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद अम्म जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने एक नहीं, बल्कि दो सीटों से चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
हुमायूं कबीर इस बार मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर और नौवाला सीट से चुनाव लड़ेंगे। खास बात यह है कि वह वर्तमान में भरतपुर सीट से विधायक हैं, लेकिन इस बार उन्होंने इस सीट को छोड़ने का फैसला किया है। 2021 के चुनाव में उन्होंने भरतपुर से 43,083 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। टीएमसी से बाहर होने के बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई और अब नए क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
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कबीर का दो सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला राज्य की राजनीति में पहले से चल रहे ट्रेंड की याद दिलाता है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भी दो सीटों नंदीग्राम और भबानीपुर से चुनाव मैदान में हैं। भबानीपुर सीट पर उनकी सीधी टक्कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से होने जा रही है, जिससे यह सीट बेहद चर्चित बन गई है। इसी तरह कबीर भी दो सीटों पर किस्मत आजमाकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाना चाहते हैं।
कबीर ने जिन दो सीटों को चुना है, उनमें नौवाला और रेजिनगर शामिल हैं, जहां फिलहाल टीएमसी का कब्जा है। नौवाला सीट पर 2019 के उपचुनाव में पहली बार टीएमसी को जीत मिली थी, जबकि इससे पहले यहां कांग्रेस का दबदबा रहा है। वहीं, रेजिनगर सीट का भी दिलचस्प इतिहास रहा है। यहां 2011 में कबीर कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके हैं, लेकिन बाद में उपचुनाव में हार गए थे। 2021 में टीएमसी ने यहां जीत दर्ज की थी। ऐसे में दोनों सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प होने की संभावना है, जहां कबीर अपनी पुरानी पकड़ और नई रणनीति के दम पर चुनौती पेश करेंगे।