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ग्रीन कार्ड की एक दशक से कर रहे प्रतीक्षा, लेकिन अब टूटता जा रहा अमेरिकन ड्रीम

ट्रंप के बर्थराइट सिटीजनशिप फैसले पर भारतवंशी कपल ने साझा किया दर्द
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ग्रीन कार्ड की एक दशक से कर रहे प्रतीक्षा, लेकिन अब टूटता जा रहा अमेरिकन ड्रीम

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बर्थराइट सिटीजनशिप को समाप्त करने के प्रयासों के चलते माता-पिता बनने जा रहे भारतीय आप्रवासियों के बीच चिंता बढ़ गई है। इसबीच कैलिफोर्निया के सैन जोस में रह रहे और एच-1बी वीजा पर जॉब कर रहे दंपति नेहा सतपुते और अक्षय पिसे ने अपना अनुभव साझा किया है। दोनों 26 फरवरी के आसपास माता-पिता बनने वाले हैं। उन्हें उम्मीद थी कि उनका बच्चा अमेरिकी नागरिक के रूप में जन्म लेगा, लेकिन ट्रंप के बर्थराइट सिटीजनशिप के फैसले ने उनके अमेरिकन ड्रीम को अधर में लटका दिया है।

हालांकि, ट्रंप के इस आदेश को अदालत में चुनौती गई और दो संघीय न्यायाधीशों ने आदेश पर रोक लगा दी है, जिसका अर्थ है कि जब तक अदालत में मामले का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक यह निर्णय प्रभावी नहीं हो सकता। हालांकि, उच्च न्यायालय की ओर से किसी भी निर्णय को पलटने की संभावना बनी हुई है। कई मुकदमों और कानूनी चुनौतियों के साथ-साथ बढ़ती अनिश्चितता ने अक्षय और नेहा और हजारों अन्य लोगों को असमंजस में डाल दिया है।

इधर ट्रंप के टैरिफ पर ईयू ने कहा- करेंगे जवाबी कार्रवाई

इधर ट्रंप ने नए टैरिफ लगाने का फैसला किया है। स्टील और एल्युमिनियम पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाने के ट्रंप के ऐलान के बाद से कई देशों की टेंशन शुरू हो गई है। ट्रंप के फैसले पर यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रमुख उसुर्ला वॉन डेर लेयेन ने कहा, इस्पात-एल्युमीनियम पर अमेरिकी शुल्क को लेकर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, इससे 27 देशों के समूह को कड़े जवाबी कदम उठाने पड़ेंगे।

शनिवार तक इजरायली बंधकों को रिहा करे हमास : ट्रंप

इसबीच ट्रंप ने हमास को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गाजा में बंधक बनाए गए सभी इजरायली नागरिकों को शनिवार (15 फरवरी) दोपहर 12 बजे तक रिहा नहीं किया गया तो वह इजरायल-हमास के बीच चल रहे युद्धविराम को रद्द कर देंगे। ट्रंप ने कहा कि अगर जॉर्डन और मिस्र गाजा से निकलने वाले फिलिस्तीनी शरणार्थियों को स्वीकार नहीं करते हैं तो वह इन देशों को मिलने वाली अमेरिकी सहायता रोक सकते हैं।

बच्चे के लिए मुश्किलें और बढ़ेंगी

कई वर्षों से ग्रीन कार्ड की कतार में प्रतीक्षा कर रहे अक्षय को अमेरिकी नागरिकता मिलने के संघर्ष से अवगत हैं। उन्होंने कहा, हम 10 साल से ज्यादा समय से यहां हैं। जैसे-जैसे मैं अपने माता-पिता को बूढ़ा होते देख रहा हूं, मेरे लिए नागरिकता पाना बहुत जरूरी है। वीजा स्टैम्पिंग टाइमिंग के साथ हमारे लिए यात्रा करना मुश्किल हो जाता है और अब मेरे बच्चे के साथ यह और भी मुश्किल हो सकता है।

नेतन्याहू ने सेना की तैनाती बढ़ाने का आदेश दिया: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश की सेना को गाजा पट्टी और आस-पास के क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का आदेश दिया है। फैसले से तनाव के हालात हो गए हैं।

कागज नहीं, प्लास्टिक स्ट्रॉ का हो यूज: ट्रंप ने कागज के स्ट्रॉ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए कहा, इसके बजाए प्लास्टिक के इस्तेमाल की तरफ बढ़ना चाहिए। ट्रंप ने संघीय खरीद नीतियों को पलटने कार्यकारी आदेश पर साइन किए।

गर्भावस्था काफी तनावपूर्ण है, स्थिति अब बिगड़ रही

गर्भावस्था काफी तनावपूर्ण है, लेकिन हमने सोचा कि यहां एक दशक बिताने के बाद आसान हो जाएगा, फिर ऐसी स्थिति आ गई। अगर सब कुछ ठीक रहा तो वे 40वें सप्ताह में इसके लिए आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन हमने इंतजार करने का फैसला किया है। मैं चाहती हूं कि प्राकृतिक प्रक्रिया अपना काम करे। - नेहा सतपुते, भारतवंशी

बच्चे की नागरिकता को लेकर बना हुआ है संदेह

ट्रंप के फैसले का सीधा असर हम पर पड़ता है। अगर यह आदेश लागू हो जाता है तो हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा - यह एक अज्ञात क्षेत्र है। हमारा सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमारे बच्चे की राष्ट्रीयता क्या होगी। मेरी प्राथमिकता सुरक्षित प्रसव और मेरी पत्नी का स्वास्थ्य है। नागरिकता दूसरे नंबर पर आती है। - अक्षय पिसे, भारतवंशी

People's Reporter
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