सोहागपुर। महुआ बीनने गए बोरी रेंज के चनागढ़ निवासी सुधराम की मौत के मामले में अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन पर हमला बाघ ने किया या किसी अन्य मांसाहारी जीव ने। वन विभाग ने कहा है कि वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।
इस संबंध में पूछने पर चूरना क्षेत्र के एसडीओ, एसटीआर विनोद वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल जो बातें सामने आई हैं, वे परिजनों के हवाले से हैं।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना स्थल के पास एक बाघ को बैठा देखा था, जिसे उन्होंने भगाया भी था। वहीं विनोद वर्मा ने बताया कि सामान्यतः बाघ किसी व्यक्ति को मारकर छोड़ देता है, उसे खाता नहीं है। साथ ही बाघ का हमला आमतौर पर शरीर के नरम हिस्सों पर होता है, न कि हड्डियों पर।
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उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित क्षेत्र में वर्तमान में सात से आठ बाघ मौजूद हैं, जो सभी युवा हैं और उनकी उम्र लगभग सात से आठ वर्ष के बीच है।
एसडीओ के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से कहना अभी संभव नहीं है कि हमला बाघ ने किया या किसी अन्य मांसाहारी जीव ने। इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि इस घटना को लेकर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक राखी नंदा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी मौत का कारण किसी मांसाहारी जानवर का हमला बताया गया है।