कराकस। वेनेजुएला में बड़े राजनीतिक और सैन्य घटनाक्रम के बाद देश की सत्ता व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया है। इसके तुरंत बाद वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम ने लैटिन अमेरिका से लेकर वैश्विक राजनीति तक हलचल पैदा कर दी है।
3 जनवरी की रात अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में विशेष सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके सुरक्षित परिसर से बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई बेहद कम समय में पूरी की गई और इसमें हवा, जमीन और समुद्र तीनों मोर्चों से अमेरिकी बल सक्रिय रहे।
तस्वीर में मादुरो अमेरिकी अधिकारियों के साथ नजर आ रहे हैं।
कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सैन्य विमान से न्यूयॉर्क लाया गया। न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर पहुंचने के बाद दोनों की मेडिकल जांच की गई। इसके बाद मादुरो को मैनहैटन ले जाया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
कानूनी औपचारिकताओं के बाद मादुरो को ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, उनके खिलाफ ड्रग्स तस्करी और हथियारों की अवैध सप्लाई से जुड़े मामलों में सुनवाई की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में उन्हें मैनहैटन की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा।
मादुरो के हिरासत में लिए जाने के बाद वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत कदम उठाया। कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में सभी संवैधानिक अधिकारों के साथ कार्यभार संभालने का आदेश दिया।
डेल्सी रोड्रिग्ज का राजनीतिक सफर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि, वेनेजुएला में हालात सामान्य होने तक अमेरिका प्रशासनिक सहयोग देगा। इसके लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस टीम का उद्देश्य:
ट्रंप ने यह भी कहा कि, वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधन वैश्विक स्थिरता के लिए अहम हैं।
इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
भारत सरकार ने वेनेजुएला के हालात को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीयों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और पहले से वहां मौजूद नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास को सतर्क मोड पर रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि, इस घटनाक्रम का असर केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा। लैटिन अमेरिका में राजनीतिक स्थिरता, तेल बाजार और कूटनीतिक संतुलन पर इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
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