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उत्तरकाशी में हादसा : सहस्त्रताल ट्रैक पर 4 महिलाओं समेत 5 पर्वतारोहियों की मौत, 11 का किया रेस्क्यू; खराब मौसम में रास्ता भटका दल

देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र सहस्त्रताल की ट्रैकिंग पर गया कर्नाटक और महाराष्ट्र के पर्वतारोहियों (ट्रैकर्स) का एक दल खराब मौसम में रास्ता भटक गया जिसमें 4 महिलाओं समेत उसके 4 सदस्यों की मौत हो गई। दल के 11 सदस्यों को रेस्क्यू कर लिया गया है जबकि, फंसे हुए 4 ट्रैकर्स के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जिला अस्पताल उत्तरकाशी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी को अलर्ट पर रखा गया है।

हेलिकॉप्टर से किया 11 ट्रैकर्स का रेस्क्यू

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बुधवार को बताया कि मंगलवार शाम को 4100-4400 मीटर की उंचाई पर स्थित मल्ला-सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर 22 सदस्यीय पर्वतारोही दल के अन्य सदस्यों के फंसे होने की सूचना मिली, जिसके बाद जमीनी और हवाई बचाव अभियान की तैयारियां शुरू की गई। इस दल में 10 महिलाएं शामिल थीं। बिष्ट ने बताया कि वायु सेना, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और निजी हेलिकॉप्टर की मदद से अब तक 11 पर्वतारोहियों को सुरक्षित नीचे ले आया गया है।

8 को देहरादून लाया गया

प्रशासन के मुताबिक, घटनास्थल से सुरक्षित निकाले गए 11 पर्वतारोहियों में से आठ को देहरादून लाया गया है, जिनकी पहचान सौम्या कनाले, स्मृति डोलस, शीना लक्ष्मी, एस शिवा ज्योति, अनिल जमतीगे, भारत बोमन्ना गौडर, मधु किरण रेडडी तथा जयप्रकाश बीएस के रूप में की गई है। जबकि तीन अन्य पर्वतारोही एस सुधाकर, विनय एम के और विवेक श्रीधर भटवाड़ी नटीन में रूके हुए हैं। बिष्ट ने बताया कि आधार शिविर में सुरक्षित दो अन्य पर्वतारोही नजदीकी सिल्ला गांव के लिए पैदल निकल चुके हैं जिनकी पहचान नवीन ए और ऋतिका जिंदल के रूप में की गई है।

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इन पर्वतारोहियों की हुई मौत

जिलाधिकारी ने कहा कि घटनास्थल से 5 शवों को भी निकालकर नटीन हैलीपैड लाया जा चुका है। उनके मुताबिक मृतकों की पहचान सिंधु वाकेलाम, आशा सुधाकर, सुजाता मुंगुरवाडी, विनायक मुंगुरवाडी और चित्रा प्रणीत के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि दल में शामिल गाइड समेत अन्य चार पर्वतारोहियों की खोज एवं बचाव के लिए अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

मौसम खराब होने से आ रही दिक्कत

बिष्ट ने बताया कि दोपहर बाद इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर से बचाव अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं, जिसके मद्देनजर जमीनी बचाव टीम को तेजी से आगे बढ़ने को कहा गया है। लगभग 35 किमी लंबे इस दुरूह हिमालयी ट्रैक के कारण टीम को घटनास्थल पर पहुंचने में भी समय लग रहा है। एसडीआरएफ एवं वन विभाग की जमीनी बचाव टीम दो विपरीत दिशाओं से घटनास्थल की ओर बढ़ रही हैं।

दल को 7 जून तक वापस लौटना था

उत्तरकाशी के मनेरी स्थित हिमालयन व्यू ट्रैकिंग एजेंसी द्वारा इस दल को 29 मई को उत्तरकाशी से ट्रैक पर रवाना किया गया था, जिसमें कनार्टक के 18 और महाराष्ट्र के एक पर्वतारोही के अलावा 3 स्थानीय गाइड शामिल थे। इस ट्रैकिंग दल को 7 जून तक वापस लौटना था। इसी दौरान, सोमवार को अंतिम शिविर से सहस्त्रताल पहुंचने के दौरान मौसम खराब होने से यह दल रास्ता भटक गया। संबंधित ट्रैकिंग एजेंसी द्वारा खोजबीन करने पर दल के कुछ सदस्यों की मौत होने तथा अन्य के फंसे होने का पता चला।

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